जस्टिस ठाकुर ने कुछ गैरजरूरी बयान भी दिए: रविशंकर प्रसाद

सर्वाेच्च न्यालाय के चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर रिटायर हो चुकें हैं। उनकी जगह अब जस्टिस जगदीश खेहर लेंगे। इसी बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने टी एस ठाकुर पर नई टिप्पणी की है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जस्टिस ठाकुर ने अपने पद रहते हुए कुछ गैर-जरूरी बयान दिए हैं जिन्हें देने से बचा जा सकता था

जस्टिस ठाकुर ने कुछ गैरजरूरी बयान भी दिए: रविशंकर प्रसाद

सर्वाेच्च न्यालाय के चीफ जस्टिस टी एस ठाकुर रिटायर हो चुकें हैं। उनकी जगह अब जस्टिस जगदीश खेहर लेंगे। इसी बीच कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने टी एस ठाकुर पर नई टिप्पणी की है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जस्टिस ठाकुर ने अपने पद रहते हुए कुछ गैर-जरूरी बयान दिए हैं जिन्हें देने से बचा जा सकता था। मीडिया रिपाेर्ट ते मुताबिक रविशंकर प्रसाद ने यह बात आइडिया एक्सचेंज में कही हैं। प्रसाद ने आगे कहा कि जस्टिस ठाकुर का हम बहुत सम्मान करते हैं लेकिन उन्होंने अपने पद पर रहते हुए कई ऐसी बातें कही जो गैरजरूरी थीं।

वहीं प्रसाद ने चीफ जस्टिस के पद पर जस्टिस खेहर की नियुक्ति पर फैली अफ्वाहों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सिट्टिंग चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया अपने बाद पद ग्रहण करने वाले जस्टिस का नाम रेकमेंड कर देते हैं। ऐसे में हमारे लिए काम सिर्फ फाइल क्लियर करने का रहता है। प्रसाद ने कहा “जस्टिस खेहर के चीफ जस्टिस का पद ग्रहण करने को लेकर कभी कोई शक नहीं रहा, इसलिए सरकार सिर्फ प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही थी”। रविशंकर प्रसाद ने यह भी कहा कि न्यायपालिका उनके पद ग्रहण करने के बाद और
भी समृद्ध होगी।

वहीं प्रसाद ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (एनजेएसी) पर बात करते हुए भी कहा कि हमारी सरकार न्यायपालिका का स्वतंत्र संचालन के लिए की प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 2015 में सुप्रीम कोर्ट के एनजेएसी को खारिज करने के फैसले को कुबूल किया था। प्रसाद ने सरकार द्वारा जजों की नियुक्ति पर जानकारी दी कि सरकार ने 126 जजों की नियुक्ति की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों के पद पर नियुक्ति के लिए बीते एक साल में कोई नाम रेकमेंड नहीं किए गए थे।