राष्ट्रीय महिला आयोग ने बेटी वाले बयान पर शरद यादव को भेजा नोटिस

जेडीयू नेता शरद यादव के बेटी वाले बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने नोटिस भेजा है।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने बेटी वाले बयान पर शरद यादव को भेजा नोटिस

जेडीयू नेता शरद यादव ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है जिसपर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनको नोटिस तक भेज दिया, दरअसल इस बार उन्होंने वोट के महत्व का जिक्र करते हुए ये बयान दिया है। उन्होंने  कहा कि "बेटी की इज्जत से वोट की इज्जत बड़ी है।" बेटी की इज्जत जाएगी तो गांव-मोहल्लों की इज्जत जाएगी, वोट एक बार बिक गया तो देश की इज्जत और आने वाला सपना पूरा नहीं हो सकता। यादव ने प्रोग्राम में राजनीति के गिरते स्तर और पैसे-वोट के गठजोड़ पर चिंता जताई।

उन्होंने ये भी कहा था कि देश की नंबर एक कांग्रेस पार्टी की स्थिति आज इमरजेंसी के समय से भी खराब है। बताया जा रहा है कि यह बात उन्हाेने जननायक कर्पूरी ठाकुर की जंयती पर पटना में कहा है।

उधर कांग्रेस ने शरद के बेटी की इज्जत वाले बयान की कड़ी निंदा की है। दूसरी तरफ इस बात काे लेकर कांग्रेस के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "किस मानसिक हालात में उन्होंने यह बयान दिया ये समझ से परे हैं।" मिश्रा ने आगे कहा कि महागठबंधन में जदयू, राजद और कांग्रेस तीनों पार्टियां है और शरद यादव जैसे बड़े नेता को इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए। उधर राजद ने शरद के इस बयान से पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी के सांसद जयप्रकाश यादव ने कहा कि यह उनका निजी बयान है।

हालांकि शरद यादव ने कर्पूरी की जंयती पर बगैर नाम लिये मुलायम सिंह पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने महागठबंधन के लिए क्या क्या नहीं किया। पूरी जिम्मेदारी उन्हें दी लेकिन बात नहीं बनीं। इसके बाद भी हमलोग प्रयास नहीं छोड़ेंगे।