ज्वाइंट सेशन में बोले प्रणब, कहा- सरकार का लक्ष्य, सबका साथ-सबका विकास

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बजट सत्र के ज्वाइंट सेशन में कहा कि केंद्र सरकार सबका विकास सबका साथ चाहती है। सरकार कई योजनाएं चला रही हैं।

ज्वाइंट सेशन में बोले प्रणब, कहा- सरकार का लक्ष्य, सबका साथ-सबका विकास

संसद का बजट सत्र मंगलवार को शुरू हो गया। इस दौरान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दोनों सदनों के ज्वाइंट सेशन में कहा कि केंद्र सरकार सबका विकास सबका साथ चाहती है। सरकार कई योजनाएं चला रही हैं। इससे पहले संसद परिसर में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उम्मीद करता हूं कि इस सत्र में सांसद जनहित के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही सरकार की तरफ से 2017 का इकोनॉमिक सर्वे भी पेश किया जाएगा।

राष्ट्रपति के अभिभाषण की महत्वपूर्ण बातें

-रेल बजट को आम बजट में शामिल किए जाने से यह अपने आप में ऐतिहासिक बजट है।

-सरकार ने ग़रीबों की ज़िंदगी बेहतर करने के लिए कई क़दम उठाए हैं।

-हम लोग यहां एक बार फिर से लोकतंत्र का उत्सव मनाने के लिए इकट्ठा हुए हैं।

-सरकार ने काले धन और बेनामी संपत्ति के लिए कार्य किया हैं।

-1.5 करोड़ लोगों को मुफ़्त में एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराया जा चुका है।

एक महीने पहले आ रहा है बजट
मोदी ने कहा कि सभी दलों के साथ लगातार चर्चा हुई है। सत्र का प्रयोग जनहित के लिए हो। बजट की बारीकी से चर्चा हो। पहली बार बजट 1 फरवरी को बजट पेश हो रहा है। इससे पहले बजट 5 बजे पेश किया जाता था। अटलजी की सरकार में सुबह 11 पेश करना शुरू हुआ। बजट करीब एक महीने पहले आ रहा है। इस बार इसके साथ रेल बजट भी जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि वे इस सत्र का इस्तेमाल जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए करेंगे।

बजट में ये होगा खास
93 साल में पहली बार रेल बजट अलग से नहीं होगा पेश
ऐसा पहली बार होगा जब रेल बजट को आम बजट में मर्ज होगा। 1924 में अंग्रेजों के समय से 2016 तक रेल बजट अलग से पेश किया जाता रहा है। नीति आयोग के सदस्य बिबेक देबरॉय और किशोर देसाई की कमेटी ने रेल बजट खत्म करने की सिफारिश की थी। बता दें कि रेलवे सरकारी खजाने से 40 हजार करोड़ रुपए मिलने के बाद हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपए डिविडेंड के तौर पर चुकाता है। रेलवे को कमर्शियल वेंचर माना जाता है। उसे सरकार और दूसरे सेक्टर्स से ऐड मिलते हैं। उसका 6% रेलवे केंद्र को देता है।

पहली बार 1 फरवरी को पेश होगा बजट
आम बजट 1924 से फरवरी की आखिरी तारीख को पेश होता आ रहा है। इस बार ऐसा पहली बार होगा जब बजट फरवरी की 1 तारीख को पेश होगा। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सालाना खर्च से जुड़े प्लान-प्रपोजल्स को अगला फाइनेंशियल ईयर शुरू होने से काफी पहले संसद की मंजूरी मिल सके।

बजट में ये हो सकते हैं एलान
50 हजार रुपए से ज्यादा के कैश ट्रांजैक्शन पर लग सकता है टैक्स
बजट में बैंक कैश ट्रांजैक्शन टैक्स का एलान हो सकता हैं। इसके तहत 50 हजार रुपए से ज्यादा के विदड्रॉअल-कैश ट्रांजैक्शन पर यह 1 से 2% टैक्स लग सकता है।इसका मकसद यह है कि लोग कैश में लेनदेन से बचें और डिजिटल पेमेंट का मोड अपनाएं।

8 लाख रुपए तक की कमाई हो सकती है टैक्स फ्री
बजट में इनकम टैक्स में छूट 2.5 लाख से बढ़कर तीन लाख रुपए सालाना हो सकती है। 80C के तहत अभी आप 1.5 लाख रुपए और नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के साथ 2 लाख रुपए की छूट ले सकते हैं। यह लिमिट बढ़ाकर 80C के तहत 2 लाख और NPS के तहत ढाई लाख रुपए बढ़ाई जा सकती है। होम लोन के इंटरेस्ट पर अभी 2 लाख की छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 2.5 लाख रुपए किया जा सकता है।