शरणार्थियों से संबंधित ट्रंप के आदेश पर नाेबेल पुरस्कार विजेता मलाला ने दुख जताया

शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आैर पाकिस्तान की छात्र कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने कहा कि वह शरणार्थियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से ‘अत्यंत दुखी’ हैं।

शरणार्थियों से संबंधित ट्रंप के आदेश पर नाेबेल पुरस्कार विजेता मलाला ने दुख जताया

शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित आैर पाकिस्तान की छात्र कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने कहा कि वह शरणार्थियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप के आदेश से ‘अत्यंत दुखी’ हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार बताया जा रहा है कि मलाला ने ट्रंप से अनुरोध किया कि वह दुनिया के सबसे असुरक्षित लोगों को अकेला ना छोड़ें।

ज्ञात हाे कि पाकिस्तान में लड़कियों के लिए शिक्षा की खुलकर समर्थन करने वाली मलाला को 2012 में तालिबानी आतंकवादियों ने सिर में गोली मार दी थी। मलाला ने कहा है कि मैं अत्यंत दुखी हूं कि आज राष्ट्रपति ट्रंप हिंसा और युद्धग्रस्त देशों को छोड़कर भाग रहे बच्चों, माताओं और पिताओं के लिए दरवाजे बंद कर रहे है।

इस बाबत आदेश पर ट्रंप के हस्ताक्षर करने के कुछ देर बाद मलाला ने एक बयान में कहा है कि दुनियाभर में अनिश्चितता और अशांति के इस समय में, मैं राष्ट्रपति ट्रंप से अनुरोध करती हूं कि वह विश्व के सबसे असहाय बच्चों और परिवारों की ओर से मुंह ना मोड़ें। मलाला शांति के लिए नोबेल पुरस्कार पाने वाली सबसे कम उम्र की विजेता हैं। उन्हें भारत के शिक्षा कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी के साथ संयुक्त रूप से 2014 में यह पुरस्कार दिया गया।

अब इंग्लैंड में रह रही मलाला ने कहा है कि मैं बहुत दुखी हूं कि अमेरिका शरणार्थियों और प्रवासियों का स्वागत करने के अपने गौरवशाली इतिहास को पीछे छोड़ रहा है। इन लोगों ने आपके देश को आगे ले जाने में मदद की और वे एक नई जिंदगी का उचित मौका मिलने के बदले कड़ी मेहनत करने के लिए तैयार हैं।