जल्लीकट्टू: बैन के खिलाफ रातों से डटे प्रदर्शनकारियों में मुस्लिम-ईसाई भी शामिल

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले दो रातों से हजारों लोग मरीना बीच समुद्र तट पर इकट्ठा हैं। ये सारे लोग पोंगल के मौके पर होने वाले जल्लीकट्टू पर रोक लगाये जाने का विरोध कर रहे हैं। मीरना बीच पर इकट्ठा लोगों में कई ईसाई और मुस्लिम भी हैं जो चाहते हैं कि इस पर लगायी गयी रोक हटायी जाये।

जल्लीकट्टू: बैन के खिलाफ रातों से डटे प्रदर्शनकारियों में मुस्लिम-ईसाई भी शामिल

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पिछले दो रातों से हजारों लोग मरीना बीच समुद्र तट पर इकट्ठा हैं। ये सारे लोग पोंगल के मौके पर होने वाले जल्लीकट्टू पर रोक लगाये जाने का विरोध कर रहे हैं। लेकिन ऐसा नहीं है कि जल्लीकट्टू पर से बैन हटाने के लिए केवल हिन्दू इकट्ठा हैं। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार मीरना बीच पर इकट्ठा लोगों में कई ईसाई और मुस्लिम भी हैं जो चाहते हैं कि इस पर लगायी गयी रोक हटायी जाये। इन सभी लोगों का मानना है कि जल्लीकट्टू तमिल अस्मिता की पहचान है। चेन्नई के अलावा राज्य के दूसरे हिस्सों में जल्लीकट्टू पर रोक के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।

सिल्विया नामक ईसाई महिला आंध्र प्रदेश की रहने वाली हैं लेकिन वो इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आई हैं। सिल्विया मानती हैं कि खेती से जुड़े त्योहार जल्लीकट्टू पर से प्रतिबंध तत्काल हटाया जाना चाहिए। विरोध प्रदर्शन में शामिल कफील अहमद ने मीडिया काे बताया कि  जल्लीकट्टू केवल हिन्दू त्योहार नहीं है और ये हम सबके लिए महत्वपूर्ण है। मरीना बीच पर इकट्ठा प्रदर्शनकारियों ने बुधवार रात मरीना बीच पर ही गुजारी।

बताया जा रहा कै कि इस विरोध प्रदर्शन में केवल यहां पर रह रहे लागे ही शामिल नहीं हाे रहे हैं बल्कि विदेशाें से भी लाेग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए सिंगापुर से आए हैं। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को खाना इत्यादि उपलब्ध कराने के लिए एक लाख रुपये दान किए हैं। आपकाे बतादें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2014 में पशु अधिकार से जुड़े संगठनों की याचिका पर विचार करते हुए जल्लीकट्टू पर रोक लगा दी थी। जल्लीकट्टू में नौजवानों को बैलों के पुट्ठे पकड़कर उनके साथ सीमारेखा तक जाना होता है। जीतने वाले को इनाम मिलता है।

आम लोगों के अलावा रजनीकांत, कमल हासन, एआर रहमान और धनुष जैसी फिल्मी हस्तियों ने भी जल्लीकट्टू पर रोक का विरोध किया है। कुछ मीडिया एआर रहमान ने ट्वीट करके बताया है कि जल्लीकट्टू पर रोक न हटाए जाने पर वो भूख हड़ताल करेंगे। वहीं अभिनेता धनुष ने कहा है कि उन्हें शाकाहारी होने की वजह से पशु अधिकार संगठन पेटा की तरफ से मिले पुरस्कार पर शर्म आती है। जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगावाने के लिए अदालत जाने वाले याचिककर्ताओं में पेटा भी शामिल थी।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने बीते शुक्रवार (20 जनवरी) को कहा कि राज्य सरकार जल्लीकट्टू पर से रोक हटाने के लिए अध्यादेश लाएगी। सीएम पन्नीरसेल्वम ने बताया कि राज्य सरकार ने अध्यादेश का मसौदा केंद्र सरकार के पास भेज दिया है। सीएम पन्नीरसेल्वम ने प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन बंद करने की मांग करते हुए उन्हें आश्वासन दिया है कि दो दिन बाद जल्लीकट्टू का आयोजन होगा।