नोटबंदी से आतंकवाद पर हुई जोरदार चोट, घाटी में घटी हिंसा: जांच एजेंसियां

नोटबंदी का राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़े असर की पड़ताल कर रही जांच एजेंसियों ने केंद्र सरकार से कुछ जानकारियां साझा की हैं।

नोटबंदी से आतंकवाद पर हुई जोरदार चोट, घाटी में घटी हिंसा: जांच एजेंसियां

नोटबंदी का राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़े असर की पड़ताल कर रही जांच एजेंसियों ने केंद्र सरकार से कुछ जानकारियां साझा की हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जांच एजेंसियों ने सरकार को बताया हैै कि भारत को फर्जी करेंसी के खिलाफ जंग में बड़ी कामयाबी मिली है। घाटी और देश के दूसरे हिस्सों में आतंकवाद पर भी जोरदार वार हुआ है। इसके साथ ही जाली नोट छापने वाली दो अहम पाकिस्तानी प्रेस को मजबूरन बंद किया गया है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक नोटबंदी के असर की पड़ताल कर रही जांच एजेंसियों के मुताबिक, सरकार के इस फैसले से आतंकियों की फंडिंग पर शिकंजा कसा है। इस फैसले की वजह से ही दिसंबर में घाटी में आतंकवाद से जुड़ी हिंसा की घटनाओं में 60 फीसदी की कमी आई है। इस महीने यहां सिर्फ एक बम धमाका हुआ। इसके सात ही नोटबंदी की वजह से नक्सली गतिविधियों पर भी चोट पहुंची है और भारत में हवाला एजेंट्स के कॉल ट्रैफिक में भी 50 फीसदी कमी आई है।

बता दें कि 8 नवंबर 2016 को पीएम नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी का फैसला लिया था। पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने संबोधन में आतंकवाद से निपटने के लिए जाली नोटों के कारोबार पर लगाम कसे जाने की जरूरत पर जोर दिया था।