सोनिया के दामाद ने किया पीएम मोदी पर हमला

प्रधानमंत्री के नोटबंदी फैसले पर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा पीएम के इस फैसले से हर कोई खुश नहीं है अपने इस फैसले के लिए पीएम मोदी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा...

सोनिया के दामाद ने किया पीएम मोदी पर हमला

प्रधानमंत्री के नोटबंदी फैसले पर उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा पीएम के इस फैसले से हर कोई खुश नहीं है अपने इस फैसले के लिए पीएम मोदी को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इन्ही आलोचनाओं के बीच सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने नोटबंदी को लेकर पीएम मोदी पर हमला बोला है। वाड्रा ने केंद्र सरकार को लेकर अपने फेसबुक पोस्ट पर कैशलेस एजेंडे की आलोचना की।उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंपों ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से पेमेंट लेने से इंकार कर दिया है। वाड्रा ने कहा कि पहले सरकार ने लोगों से डेबिट और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करने को कहा। अब जब लोगों ने वह करना शुरू कर दिया है तो बैंकों और केंद्र की नीतियों में कोई सामंजस्य ही नजर नहीं आता। हालांकि पेट्रोल पंपों पर अब डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट हो सकेगी।

बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट पर लिखा है कि केंद्र कि नोटबंदी का फैसला लेकर जो सरकार ने गलती है अब वो उस गलती को सुधारने की कोशिश कर रही है। उसका नोटबंदी का फैसला अनियोजित था। उन्होंने दावा कि खराब सामंजस्य के कारण पेट्रोल पंप मालिकों को यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने सवाल उठाया कि 0.75 प्रतिशत छूट देने का क्या मतलब रह गया जब बैंक पेट्रोल पंपों पर 1 प्रतिशत एमडीआर वसूल रहे हैं। बता दें कि पेट्रोल पंप असोसिएशनों ने रविवार को कार्ड से पेमेंट लेने का फैसला टाल दिया था।

गौरतलब है कि इससे पहले 20 दिसंबर को रॉबर्ट वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। तब उन्होंने नोटबंदी से परेशान लोगों का हवाला देते हुए कहा था कि कब तक मोदी सरकार खुद को सही साबित करने के लिए देश के लोगों पर एक्सपेरिमेंट करती रहेगी। वाड्रा ने कहा था कि अब तो लोग सिर्फ 30 दिसंबर तक ही एक बार ही 5000 तक के नोट जमा कर पाएंगे वह भी स्पष्टीकरण के साथ। वाड्रा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि मोदी सरकार के इस फैसले ने वित्तीय संस्थानों को पूछताछ कार्यालयों में तब्दील कर दिया है। वाड्रा ने कहा था कि सरकार की सनक और पसंद के कारण लोगों को हो रही परेशानियां देखकर दुख होता है।

वाड्रा ने कहा था कि पहले हमें बताया कि यह कालाधन खत्म करने की पहल है, फिर आतंकवाद। अब कहा जा रहा कि कैशलेश सोसाइटी बनाओ। यह जो भी है, लेकिन लोगों को इससे बहुत परेशानियां हो रही हैं। लोग अपने रोजगार खो रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि एक अहंकारी शख्स के काल्पनिक मकसद पूरे हो सकें।