सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान सीमा पार गए भारतीय सैनिक चंदू चव्‍हाण को पाक करेगा रिहा

भारतीय सैनिक सिपाही चंदू चव्‍हाण को पाकिस्‍तान रिहा करेगा। गौरतलब है कि भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद चंदू चव्‍हाण गलती से पाकिस्‍तानी सीमा में चले गए थे। वहां पर उन्‍हें बंधक बना लिया गया था। इसके बाद से उन्‍हें रिहा कराने की कोशिशें की जा रही थीं।

सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान सीमा पार गए भारतीय सैनिक चंदू चव्‍हाण को पाक करेगा रिहा

भारतीय सैनिक सिपाही चंदू चव्‍हाण को पाकिस्‍तान रिहा करेगा। गौरतलब है कि भारत की सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद चंदू चव्‍हाण गलती से पाकिस्‍तानी सीमा में चले गए थे। वहां पर उन्‍हें बंधक बना लिया गया था। इसके बाद से उन्‍हें रिहा कराने की कोशिशें की जा रही थीं।

पिछले दिनों रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने कहा था कि 22 साल के भारतीय सैनिक चंदू चव्हाण को पाकिस्तान से सुरक्षित वापस लाने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। उन्‍होंने  बताया कि पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव भरे रिश्तों के मद्देनजर पाकिस्तान सरकार का यह कबूलनामा अहम है कि चव्हाण उनके कब्जे में है। इससे पहले, पाकिस्तानी थलसेना ने इस बात से इनकार किया था कि उसने किसी ऐसे जवान को पकड़ा है जो सितंबर में हुए लक्षित हमलों के बाद नियंत्रण रेखा गलती से पार कर गया था। 37 राष्ट्रीय राइफल्स का जवान चव्हाण बीते 30 सितंबर को गलती से नियंत्रण रेखा के पार चला गया था। इसके बाद सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) की ओर से पाकिस्तान को हॉटलाइन पर सूचित किया गया था।



ये था पूरा मामला

भारतीय सेना की तरफ से पिछले साल पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद 37 राष्ट्रीय राइफल के जवान चंदू बाबू लाल चव्हाण, पाकिस्तानी सेना के कब्ज़े में था। ऐसे में चंदू की घर वापसी और सलामती को लेकर उनका परिवार बेहद चिंतित है।


उस वक्त रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि सेना के जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को पाकिस्तान से वापस लाने में ‘‘कुछ दिन’’ लगेंगे लेकिन डीजीएमओ के जरिये एक सुगठित तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। दरअसल चव्हाण पिछले साल 30 सितंबर को ग़लती से सीमा पार कर गए थे जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने उन्हें पकड़ लिया था।