कम हो सकता है ऑनलाइन ट्रांजेक्शन शुल्क, सुधरेगी स्थिति: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने नोटबंदी के मुद्दे को लेकर लोक लेखा समिति के सामने पेश हुए और कहा कि पूराने 500, 1000 के नोट बंद किए जाने के मद्देनजर ऑनलाइन भुगतान पर लेनदेन लागत कम करने की दिशा में काम जारी है...

कम हो सकता है ऑनलाइन ट्रांजेक्शन शुल्क, सुधरेगी स्थिति: आरबीआई

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने नोटबंदी के मुद्दे को लेकर लोक लेखा समिति के सामने पेश हुए और कहा कि पूराने 500, 1000 के नोट बंद किए जाने के मद्देनजर ऑनलाइन भुगतान पर लेनदेन लागत कम करने की दिशा में काम जारी है और इस बीच शहरों के साथ-साथ गांवों  में भी नकदी के प्रवाह में सुधार हुआ है।

बता दें कि कांग्रेस सदस्य के.वी. थॉमस की अध्यक्षता वाली लोक लेखा समिति के समक्ष पटेल के साथ ही डिप्टी गवर्नर आर. गांधी, एस.एस. मुंद्रा और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांता दास और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित हुए। समिति के सदस्यों ने आरबीआई गवर्नर से कई सवाल पूछे। पटेल को उनके जबाव देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया है। इस बैठक के बाद थॉमस ने कहा कि समिति की 10 फरवरी को फिर से बैठक होगी, जिसमें वित्त मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत हुई तो रिजर्व बैंक के गर्वनर को 10 फरवरी को फिर से बुलाया जा सकता है।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ने समिति को बताया है सरकार के डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के तहत लेनदेन लागत कम करने के लिए बैंक और पेमेंट गेटवे के साथ-साथ सभी हितधारकों के साथ चर्चा की जा रही है। पटेल ने कहा कि पूरे देश में नकदी की उपलब्धता बढ़ी है। हालांकि, कुछ दूरस्थ क्षेत्रों में अभी कुछ दिक्कतें हैं और सदस्यों से कहा गया है कि अगले कुछ सप्ताह में स्थिति बेहतर हो जाएगी। पटेल ने सदस्यों के सवालों का जबाव देते हुए कहा कि नोटबंदी के मुद्दे पर सरकार और केन्द्रीय बैंक के बीच जनवरी 2016 में ही चर्चा शुरू हो गई थी। करीब चार घंटे तक चली इस बैठक में समिति ने नोटबंदी के दौरान कुछ सहकारी बैंकों में जमा में हुई भारी बढ़ोतरी के बारे में भी पूछताछ की और केन्द्रीय बैंक से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने के लिए कहा।