सानिया का टूटा सपना, 7वें आस्ट्रेलियन ओपन टैनिस टूर्नामेंट में मिली हार

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का 7वें ग्रैंड स्लेम का सपना आस्ट्रेलियन ओपन टैनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल फाइनल में रविवार को हार के साथ टूट गया...

सानिया का टूटा सपना, 7वें आस्ट्रेलियन ओपन टैनिस टूर्नामेंट में मिली हार

भारतीय टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा का 7वें ग्रैंड स्लेम का सपना आस्ट्रेलियन ओपन टैनिस टूर्नामेंट के मिश्रित युगल फाइनल में रविवार को हार के साथ टूट गया।

सानिया- को 6-4 से हार का सामना करना पड़ा
सानिया और उनके जोड़ीदार क्रोएशिया के इवान डोडिग को फाइनल में अमेरिका की एबिगाली स्प्रार्स और कोलंबिया के सेबेस्टियन कबाल की गैर वरीय जोड़ी से लगातार सेटों में 6-2,6-4 से हार का सामना करना पड़ा।  दूसरी वरीयता प्राप्त सानिया-डोडिग की जोड़ी ने सेमीफाइनल में आस्ट्रेलिया की सामंथा स्तोसुर और सैम ग्रोथ की जोड़ी को पराजित कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी जहां उन्हें अमेरिकी-कोलंबियाई जोड़ी से मात खानी पड़ी।



अब तक 6 ग्रैंड स्लेम जीत चुकी सानिया के खाते में 3 मिश्रित युगल खिताब थे। वह पिछले वर्ष अपने जोड़ीदार डोडिग के साथ फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंची थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और आज यहां एक बार फिर वह अपने क्रोएशियाई जोड़ीदार के साथ खिताब जीतने से चूक गई।



सानिया ने 2009 में जीता था पहला ग्रैंडस्लेम 
सानिया ने वर्ष 2009 में अपना पहला ग्रैंडस्लेम मिश्रित युगल के रूप में ही जीता था और तब उनके जोड़ीदार हमवतन महेश भूपति थे। सानिया ने 2012 में फ्रेंच ओपन में 2014 में यूएस ओपन में मिश्रित युगल खिताब अपने नाम किया। उनके खाते में तीन युगल ग्रैंडस्लेम खिताब भी हैं जो उन्होंने 2015 में यूएस ओपन ,2015 में ही विंबलडन तथा 2016 में आस्ट्रेलियन ओपन के रूप में जीता था।

एक घंटे तक चली सानिया-डोडिग की जोड़ी की फाइनल चुनौती
लगभग एक घंटे तक चली इस फाइनल में सानिया-डोडिग की जोड़ी कोई खास चुनौती नहीं पेश कर पाई और पहलायी सेट 2-6 से गंवा बैठी। दूसरे सेट में सानिया-डोडिग ने वापसी की कोशिश जरूर की लेकिन अमेरिकी-कोलंबियाई जोड़ी ने अंतत: 6-4 से यह सेट अपने नाम करते हुए वर्ष का पहला ग्रैंडस्लेम मिश्रित युगल खिताब अपने नाम कर लिया। विजेता जोड़ी के 23 के मुकाबले सानिया-डोडिग ने 24 विनर्स लगाए लेकिन बेजां भूलें अंतत: भारतीय-क्रोएशियाई जोड़ी पर भारी पड़ गई। सानिया-डोडिग ने विजेता जोड़ी के 9 के मुकाबले 16 बेजां भूलें कीं।