साइकिल सीज हुई तो मुलायम को मिल सकता है 'हल जोतते किसान' का सिंबल

समाजवादी पार्टी में साइकिल सिंबल को लेकर घमासान जारी है। इस बीच अगर पार्टी का सिंबल सीज होता है तो मुलायम सिंह को कई साल पुरानी अपनी पार्टी लोकदल से 'हल जोतते किसान' का पुराना सिंबल मिल सकता है।

साइकिल सीज हुई तो मुलायम को मिल सकता है

समाजवादी पार्टी में साइकिल सिंबल को लेकर घमासान जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर पार्टी का सिंबल सीज होता है तो मुलायम सिंह को कई साल पुरानी अपनी पार्टी लोकदल से 'हल जोतते किसान' का पुराना सिंबल मिल सकता है। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह से इस बारे में कई दौर की बातचीत हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो अमर सिंह ने लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह से इसे लेकर लंबी बात की है।

वहीं मुलायम सिंह पार्टी का सिंबल सीज होने के बाद अपने पुराने दल के निशान से चुनाव मैदान में जाने को तैयार हैं, क्योंकि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोकदल से ही हुई थी।

बता दें कि मुलायम सिंह 1982 में लोकदल के अध्यक्ष बनाए गए थे। वह खुद को लोकदल के संस्थापक चौधरी चरण सिंह का असली वारिस भी बता चुके हैं। मुलायम ने 1985 में यूपी में लोकदल को 85 सीटों पर जीत भी दिलवाई थी। इसके बाद ही उन्हें विपक्ष का नेता बनाया गया था।

मुलायम-अखिलेश का मंगलवार को हुई बैठक भी रही बेनतीजा

समाजवादी पार्टी में वि‍वाद के बीच मंगलवार को अखि‍लेश यादव मुलायम सिंह से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन डेढ़ घंटे की बातचीत के बाद भी मामला अटका रहा। मुलायम ने राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहने, चुनाव कमीशन से सिंबल की दावेदारी वापस लेने और रामगोपाल को पार्टी से बाहर करने संबधी मुद्दों को उठाया।

वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने भी अमर सिंह को पार्टी से निकालने और चुनाव में खुद को पार्टी का चेहरा के तौर पर प्रोजेक्ट करने पर जोर दिया।बता दें कि इससे पहले दोनों गुटों के बीच 31 दिसंबर के बाद अब तक सुलह की 7 कोशिशें हो चुकी हैं, लेकिन सभी नाकाम रही हैं। ये आठवीं कोशिश थी।