जन्मदिन पर बोलीं मायावती- सपा गुंडो की पार्टी

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने 61वें जन्मदिन के अवसर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोधियों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को बदमाशों गुंडो की पार्टी बताया और बीजेपी पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

जन्मदिन पर बोलीं मायावती- सपा गुंडो की पार्टी

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने 61वें जन्मदिन के अवसर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कार्यकर्ताओं से नोटबंदी के दौर में जरूरतमंदों की आर्थिक मदद कर उनका जन्मदिन कल्याणकारी बनाने की अपील की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान मायावती ने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को बदमाशों गुंडो की पार्टी बताया और बीजेपी पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

बीएसपी सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए नेटबंदी की है। बीजेपी ने नोटबंदी से गरीबों, किसानों को लूटा है। पीएम मोदी के भाषण से सहम जाती है जनता, कभी कोई नया फैसला ना सुना दें। उन्होंने कहा कि जनता बीजेपी को सबक सिखाएगी। जैसे कांगेस को सिखाया था। हमारी पार्टी कोई घोषणा पत्र जारी नहीं करती है. क्योंकि हमारी पार्टी कहने में नहीं करने में ज्यादा विश्वास रखती है।

बसपा सुप्रीमो मायावती 15 जनवरी 2017 (आज) 61 साल की हो गई हैं। कुछ साल पहले अपने जन्मदिन पर करोडों रुपये की माला पहनने से सुर्खियों में आई मायावती इस बार बेहद ही सादे तरीके से अपना जन्मदिन मनाएंगी। इस अवसर पर मायावती ने कहा कि मेरा जन्मदिन एसपी की तरह शाही अंदाज में नहीं होता। मैंने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से सादगी के साथ जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए कहा है। उनसे जरूरतमंदों और वंचितों के कल्याण करने को कहा है।

मायावती ने कहा कि बीजेपी के खिलाफ जनता में गुस्सा है। नोटबंदी से अबतक हालात सामान्य नहीं हुए हैं। नोटबंदी के 50 दिन से अधिक गुजर जाने के बाद भी मोदी यह नहीं बता पा रहे हैं कि इससे कितना काला धन पकड़ा गया है। नोटबंदी का फैसला राजनीतिक स्वार्थ के लिए लिया गया, अब मोदी के हर संबोधन से जनता सहम जाती है। उत्तर प्रदेश में जनता बीएसपी को सत्ता में लाने का निर्णय कर चुकी है। अगर बीजेपी बीएसपी की अध्यक्ष और उनके परिवार की संपत्ति का ब्योरा चाहती है, तो सबसे पहले बीजेपी अपने नेताओं की संपत्ति का खुलासा करे।

मायावती को उनकी पूरी पार्टी और दूसरे दलों के नेता भी बहन जी कहकर बुलाते हैं। उल्लेखनीय है कि मायावती अपना जन्मदिन जन-कल्याण दिवस के रूप में मनाती हैं लेकिन इस बार आचार संहिता लागू होने के कारण उन्होंने अपने जन्मदिन समारोह से उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड को अलग रखा है।

मायावती साल 2010 में जन्मदिन के दिन नोटों की माला पहनने से विवादों में आ गई थीं। गौरतलब है कि मायावती साल 1995 में पहली बार मुख्यमंत्री बनीं और तब से आज तक 4 बार यूपी की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले वह एक टीचर थीं और आईएएस की तैयारी कर रही थीं। उन्हें कांशीराम राजनीति में लाए थे। बीएसपी में आने के बाद मायावती ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और 4 बार मुख्यमंत्री रहने के बाद अब पांचवी बार अकेले दम पर उत्तर प्रदेश विधानसभा में जोर आजमा रही हैं।