तमिलनाडु: जल्लीकट्टू के समर्थन में खुलकर आए अभिनेता कमल हासन, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

जलीकट्टू के समर्थन में तमिल अभिनेता कमल हासन मंगलवार को खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि शांति से चल रहे प्रदर्शन पर पुलिस की हिंसक कार्रवाई पर उन्हें जवाब चाहिए।

तमिलनाडु: जल्लीकट्टू के समर्थन में खुलकर आए अभिनेता कमल हासन, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

जलीकट्टू के समर्थन में तमिल अभिनेता कमल हासन मंगलवार को खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि शांति से चल रहे प्रदर्शन पर पुलिस की हिंसक कार्रवाई पर उन्हें जवाब चाहिए। वह प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई से चकित हैं।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक कमल हासन ने कहा कि यह 'तमिल प्राइड' (तमिलों के सम्मान) का मामला है। हम जलीकट्टू के समर्थन वाले बिल की मांग 20 सालों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा आग लगाने वाला विडियो देखकर मैं चौंक गया। इस पर पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए।

तमिलनाडु विधानसभा का सत्र सोमवार से शुरू हो चुका है। इस दौरान सीएम पन्नीरसेल्वम ने जल्लीकट्टू बिल सदन में पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया। ये बिल ऑर्डिनेंस की जगह लेगा। वहीं, जल्लीकट्टू (सांड को काबू करना) आंदोलन अब हिंसक हो गया है। राज्य के कई इलाकों में हिंसा और झड़पें हुईं।

चेन्नई में मरीना बीच के आइस हाउस पुलिस स्टेशन में कुछ लोगों ने आग लगा दी। मदुरै और कोयंबटूर में भी आगजनी हुई। कोयंबटूर में पांच छात्र जख्मी हो गए, एक की हालत गंभीर है। रजनीकांत और श्रीश्री रविशंकर ने लोगों से प्रदर्शन खत्म करने और असामाजिक तत्वों के हाथों का खिलौना नहीं बनने की अपील की है।

मरीना बीच पर लोग 7 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाने की कोशिश की। लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस पर लोगों का कहना है कि 'जबरन हटाया तो समुद्र में कूद जाएंगे।' पुलिस ने बीच पर आने वाले सभी रास्ते बंद कर दिए।

पुलिस अधिकारीयों ने कहा है कि जब राज्य के कई इलाकों में जल्लीकट्टू को आयोजन किया जा चुका है तो अब प्रदर्शन करने का कोई मतलब नहीं है। पुलिस की सख्ती के बाद दोपहर में लोग उग्र हो गए। मरीना बीच के आइस हाउस पुलिस स्टेशन के कैम्पस में आग लगा दी गई, जिससे 25 गाड़ियां जल गईं। पुलिस और लोगों के बीच झड़प भी हुई। पथराव में 20 पुलिस वाले जख्मी हो गए। अभिनेता कमल हासन ने ट्वीट कर पुलिस कार्रवाई की निंदा की है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने जल्लीकट्टू को जानवरों के प्रति क्रूरता बताते हुए इस खेल पर 2014 में बैन लगा दिया था। लोगों के दबाव पर खेल शुरू कराने के लिए लाए गए राज्य सरकार के अध्यादेश को 21 जनवरी को गवर्नर विद्या सागर राव ने मंजूरी दी थी।

मदुरै के अलंगानल्लूर में भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है। यहां पुलिस ने लोगों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान झड़प में कई लोग जख्मी हो गए। लोगों ने पथराव भी किया। कोयंबटूर में पुलिस ने 100 लोगों को गिरफ्तार किया। यहां भी झड़प हुईं, जिसमें 5 छात्र घायल हो गए।