पहली बार सामने आई सर्जिकल स्ट्राइक की डिटेल्स

पाकिस्तान से जूड़े आतंकी संगठनों पर भारत की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की आधिकारिक डिटेल्स पहली बार सामने आई है। इस डिटेल में उस एक अफसर के बारे में भी है जिसने अकले ही नजदीकी लड़ाई में चार लक्ष्यों को तबाह कर दिया...

पहली बार सामने आई सर्जिकल स्ट्राइक की डिटेल्स

पाकिस्तान से जूड़े आतंकी संगठनों पर भारत की ओर से किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की आधिकारिक डिटेल्स पहली बार सामने आई है। इस डिटेल में उस एक अफसर का भी जिक्र किया गया है जिसने अकले ही नजदीकी लड़ाई में चार लक्ष्यों को तबाह कर दिया था। इसके अलावा उस टीम की बहादुरी का भी जिक्र है, जिसने घटनास्थल पर मौजूद पाकिस्तानी सैनिकों को जानमाल का बड़ा नुकसान पहुंचाया।

बता दें कि 29 सितंबर 2016 को हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना ने एक बयान जारी किया था। जिसमें कहा गया था कि एलओसी के दूसरी ओर की गई कार्रवाई में आतंकियों के लॉन्च पैड्स को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इससे पहले ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं कि गई और न ही ये बताया गया था कि कार्रवाई में कुल कितने आतंकी मारे गए? लेकिन अब पहली बार आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि इस हमले में आतंकियों के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना को भी जानमाल का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

डिटेल्स से पता चलता है कि भारतीय सेना के अफसरों ने न केवल सामने से टीम का नेतृत्व किया बल्कि दुश्मनों के सामने कम संख्या मे सैनिक होने के बावजूद साथी सैनिकों को बहादुरी के साथ लड़ने के लिए प्रेरित किया। वीरता पुरस्कार पाने वाले एक अफसर के बारे में लिखा है कि आतंकियों और उनका साथ दे रहे दुश्मनों की तीखी जवाबी प्रतिक्रिया के बावजूद वह दुश्मनों से मोर्चा लेते रहे।

गौरतलब है कि एक सैनिक की बहादुरी का भी इस रिकॉर्ड में जिक्र है, जिसने अपने सहयोगियों को मुश्किल में देख सामने से हो रही फायरिंग की ओर ही दौड़ पड़ा ताकि दुश्मनों का ध्यान उस पर आ जाए। रिकॉर्ड में लिखा है कि अनुभवी सैनिक ने जब यह देखा कि उसके पक्ष को जानमाल का नुकसान हो सकता है, तो उसने मौके की नजाकत को समझते हुए खुद की सेफ्टी को ताक पर रखकर फायरिंग कर रहे दुश्मनों की ओर दौड़ पड़ा और दो दुश्मनों को गोलियों से भून डाला।

सर्जिकल स्ट्राइक में मिशन लीडर की अहम भूमिका
हमला करने वाली टीम के कमांडर ने सामने ने नेतृत्व किया। उसने लक्ष्य पर पहुंचकर पहरा दे रहे दो दुश्मनों को सामने से चुनौती देकर ठिकाने लगाया। इसके बाद, जंगल में छिपी अपनी टीम को आदेश दिया कि वह मुख्य लक्ष्य पर हमला करे। बिना किसी व्यवधान के मिशन को अंजाम दिया गया। नजदीकी लड़ाई में दुश्मन के चार लक्ष्यों को तबाह कर दिया गया।

आतंकियों पर स्नाइपर का अचूक निशाना
चौंकाने की रणनीति के तहत एक स्नाइपर दुश्मन से भरे इलाके में बिना नजर में आए पहुंच गया। वहां उसने बेहद दूर से ही बंकर के होल से नजर आ रहे एक दुश्मन को अपनी गोली से ठिकाने लगाया। हमले की जद में आने के बावजूद वह अपने उन साथियों को कवर फायर देता रहा, जो दुश्मनों से आमने-सामने मोर्चा ले रहे थे।