सरकार ने आर्थिक सर्वे किया पेश, 2017-18 में जीडीपी विकास लक्ष्य 7.1%

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट से पहले संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया। इसमें वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 6.75% से 7.5% की दर से आर्थिक वृद्धि का अनुमान रखा गया है। सर्वे में श्रम-टैक्स में सुधार की सिफ़ारिश की गई।

सरकार ने आर्थिक सर्वे किया पेश, 2017-18 में जीडीपी विकास लक्ष्य 7.1%

केंद्र सरकार ने 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट से पहले संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया। इसमें वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 6.75% से 7.5% की दर से आर्थिक वृद्धि का अनुमान रखा गया है। सर्वे में श्रम-टैक्स में सुधार की सिफ़ारिश की गई।

आर्थिक सर्वेक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

- आर्थिक समीक्षा में 2017-18 की वृद्धि दर 6.75 से 7.5 फीसद के दायरे में रहने का अनुमान जताया गया।

- 2016-17 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि घटकर 6.5 प्रतिशत पर आ जाएगी। पिछले वित्त वर्ष में यह 7.6 प्रतिशत रही थी।

-चालू वित्त वर्ष में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 4.1 प्रतिशत रहेगी। 2015-16 में यह 1.2 प्रतिशत रही थी।

-आर्थिक समीक्षा के मुताबिक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, कच्चे तेल के घटे दाम से अप्रत्याशित राजकोषीय लाभ की उम्मीद है।

-वस्तु एवं सेवा कर से राजकोषीय लाभ मिलने में समय लगेगा।

-2016-17 में उद्योग क्षेत्र की वृद्धि दर घटकर 5.2 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। पिछले वित्त वर्ष में यह 7.4 प्रतिशत थी।

बता दें कि आर्थिक सर्वे देश की आर्थिक दशा की आधिकारिक रिपोर्ट है, जिसमें देश के क्षेत्रवार हालातों का ब्यौरा तो होता ही है। इसके साथ ही कुछ सिफारिशें भी होती हैं। हालांकि इन सिफारिशों को मानने के लिए सरकार बाध्य नहीं है।