500-2000 रुपये के नकली नोट छापने के आरोप में तीन गिरफ्तार

500-2000 रुपये के नकली नोट छापने के आरोप में दो बहनों समेत एक गिरफ्तार, आरोपियों के पास से 500-2000 के दो लाख रुपए के नकली नोट बरामद।

500-2000 रुपये के नकली नोट छापने के आरोप में तीन गिरफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी की घोषणा करते समय कहा था कि इस कदम से काला धन की वापसी होगी, भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगा और नकली करेंसी पर भी रोक लगेगी लेकिन यह झूठ साबित होती दिख रही है। न तो काला धन वापस आया, न ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगा और न ही जाली नोटों का कारोबार बंद हुआ। अब नकली नए नोटों को छापने का धंधा भी खूब फल-फूल रहा है। ताजा घटना में यूपी पुलिस ने लखनऊ में नकली नोट की छपाई के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है। हैरानी की बात ये है कि इस गोरखंधंधे की सरगना दो बहनें हैं। उसका साथ एक रियल एस्टेट कारोबारी दोस्त दे रहा था।

दरअसल, लखनऊ क्राइम ब्रांच को नकली नोट छपाई की सूचना मिली थी। पुलिस ने विकासनगर थाना क्षेत्र में छापा मारा तो मौके से नकली नोटों के साथ दो महिलाएं मिलीं जो इस रैकेट को चला रही थीं। ये बहनें एक घर में नोटों की स्कैनिंग और उसे छापने का काम कर रही थीं। पुलिस ने तलाशी ली तो इनका रियल स्टेट कारोबारी दोस्त भी पकड़ा गया।

पुलिस ने इस गोरखधंधे में शामिल मोहम्मद खालिद, रितु त्रिपाठी उर्फ राशि और विनीता पांडे को गिरफ्तार किया है। ये तीनों ही नकली नोटों का कारोबार चला रहे थे। पुलिस को इनके पास से 500 और 2000 के दो लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन नोटों को ये एक कलर प्रिंटर की मदद से छाप रहे थे और खुद ही मार्केट में खपाने का काम भी करते थे। पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि आगे की कड़ियों का खुलासा किया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि नोट छापने के कारोबार में आगे की कड़ियों में कागज सप्लायर तक पहुंचने में जल्द कामयाबी मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि अभी भी आम आदमी को नए 500 और 2000 के नकली नोटों को परखना नहीं आता है। इसी का फायदा उठाकर ये लोग नकली नोट छापने का गोरखधंधा कर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर, 2016 को नोटबंदी का एलान किया था। इसके बाद से 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैन कर दिया गया था। 1000 की जगह 2000 रुपये के नए नोट लाए गए हैं।