तमिलनाडु: राज्यपाल ने अध्यादेश को दी मंजूरी

तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने जल्लीकट्टू के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है और लगभग तीन साल के प्रतिबंध के बाद अब इसका फिर से आयोजन होने वाला है।

तमिलनाडु: राज्यपाल ने अध्यादेश को दी मंजूरी

तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने जल्लीकट्टू के लिए अध्यादेश जारी कर दिया है और लगभग तीन साल के प्रतिबंध के बाद अब इसका फिर से आयोजन होने वाला है। वहीं, मरीना बीच और दूसरी जगहों पर जमे प्रदर्शनकारियों ने एक स्थायी हल निकलने तक अपना आंदोलन खत्म करने से आज रात इनकार कर दिया। मीडिया रिपाेर्टस के हवाले से बताया जा रहा है कि अध्यादेश के लिए राज्यपाल विद्यासागर राव की मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम अलंगनल्लूर में कल सुबह कार्यक्रम का उदघाटन करने के लिए मदुरै रवाना हो गए। राज्य के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में मंत्री इसी तरह के कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे। मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक और पीएमके सहित अन्य पार्टियों ने अध्यादेश का स्वागत किया है। उन्होंने छात्रों के आंदोलन को क्रांतिकारी बताते हुए उनकी सराहना की। वहीं, दूसरी ओर जंतु अधिकार संगठन ‘पेटा’ ने कहा है कि यह अध्यादेश का अध्ययन करेगा।

मरीना बीच के प्रदर्शनकारियों ने पांचवें दिन भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के साथ कहा है कि वे लोग तब तक नहीं हटेंगे, जब तक सरकार को कोई स्थायी हल नहीं करती। मदुरै जिला कलेक्टर के. वीरा राघव राव पक अलंगनल्लूर में आयोजन स्थल का दौरा किया और संवाददाताआें से कहा कि राज्य के लोग और युवा इसमें भाग लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में 350 सांड़ को शामिल किया जाएगा। हालांकि, एक आयोजक ने कहा, ‘‘यहां तक कि यदि मुख्यमंत्री भी आते हैं तो इसमें शक है कि जल्लीकट्टू प्रदर्शनकारियों के मौजूदा मूड के मुताबिक होगा।’

मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम कल सुबह 10 बजे जल्लीकट्टू का अलगनल्लूर में उद्घाटन करेंगे, जो इस ग्रामीण खेल के लिए प्रसिद्ध है। मई 2014 के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जल्लीकट्टू प्रतिबंधित है। पन्नीरसेलवम ने कहा कि अन्य इलाकों में, संबद्ध क्षेत्रों के मंत्री सुबह 11 बजे इस खेल का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री ने जल्लीकट्टू का समर्थन करने को लेकर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने मोदी को एक पत्र में लिखा, ‘‘सरकार और तमिलनाडु के लोगों की ओर से, मैं पोंगल के दौरान एक बार फिर से तमिलनाडु में जल्लीकट्टू को सक्षम बनाने में आपके समर्थन और सहयोग के लिए शुक्रिया अदा करता हूं।’