UP चुनाव: 'हाथ' को मिला 'साइकिल' का साथ

प्रियंका गांधी की कोशिशों से 'साइकिल' को 'हाथ' का सहारा मिल गया। दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पर लगता ग्रहण अब खत्म हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी इस गठबंधन के होने में अहम किरदार निभाया है।

UP चुनाव:

प्रियंका गांधी की कोशिशों से 'साइकिल' को 'हाथ' का सहारा मिल गया। दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन पर लगता ग्रहण अब खत्म हो चुका है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने भी इस गठबंधन के होने में अहम किरदार निभाया है।

अब प्रियंका गांधी के राजनीति में सक्रियता से कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पहल के बाद वे पॉलिटिक्स में आने वाली हैं। उधर माना जा रहा है कि अब तक गठबंधन नहीं होने का एक बड़ा कारण सपा और कांग्रेस के बीच बातचीत के लिए कांग्रेस का किसी बड़े नेता का नहीं पहुंचना था। उनकी तरफ से यूपी में पार्टी के चुनाव के रणनीतिकार प्रशांत किशोर और धीरज श्रीवास्तव को अखिलेश के पास भेजा गया था।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सीएम अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव के पास शुक्रवार या शनिवार की रात को करीब एक बजे प्रियंका गांधी का फोन आया।


बताया जा रहा है कि प्रियंका और डिंपल के बीच वर्तमान में नजदीकियां बढ़ी हैं, जिसके चलते गठबंधन हो सका है। उधर राजनीति में प्रियंका गांधी के पदार्पण के कयास लगाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना हे कि यह गांधी परिवार की ओर से प्रियंका की राजनीति में सक्रिय होने के संकेत हैं। उत्तर प्रदेश के मामलों में प्रियंका काफी दिलचस्पी लेते देखा जा रहा है। वे अक्सर पार्टी के चर्चा में शामिल हो रही हैं और अपने घर पर भी नेताओं से चर्चा कर रही हैं। पिछले कुछ समय से कांग्रेस के कारकर्ताओं की भी मांग रही है कि प्रियंका गांधी को राजनीति में लाया जाए।


रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में कांग्रेस में शामिल होने वाले पूर्व क्रिकेटर और बीजेपी नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी में लाने में प्रियंका का रोल रहा है। बताया जाता है कि पिछले साल सितंबर में सिद्धू प्रियंका गांधी से पहली बार मिले थे।