आगामी चुनाव में नोटबंदी-सर्जिकल स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा बनाएगी BJP: शाह

बीजेपी उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक को अपना हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है।

आगामी चुनाव में नोटबंदी-सर्जिकल स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा बनाएगी BJP: शाह

बीजेपी उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में नोटबंदी और सर्जिकल स्ट्राइक को अपना हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है। शुक्रवार को दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय अहम बैठक की शुरूआत हुई जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, नोटबंदी और पीओके में जाकर आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना मोदी सरकार के दो ऐतिहासिक फैसले हैं।

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जो लोकप्रिय भले ही न हों पर राष्ट्र के लिए जरूरी हैं। शाह ने कहा कि नोटबंदी के दौरान स्थानीय निकायों में लगभग 10 हजार प्रतिनिधियों के लिए चुनाव हो चुके हैं। जिनमें 8000 से ज्यादा बीजेपी के प्रतिनिधियों ने जीत हासिल की है, जो सीधे-सीधे नोटबंदी पर आम जनता का समर्थन है। शाह ने कहा कि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को भारी बहुमत मिलेगी। सभी चुनावी सर्वेक्षणों में इसके संकेत मिल रहे हैं।

बैठक की शुरूआत में नोटबंदी के फैसले लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया गया। बैठक के पहले दिन अमित शाह ने कहा कि नोटबंदी के सरकार के फैसले के कारण अब एक-एक पैसे का हिसाब मौजूद है। अमित ने कहा कि यह ऐतिहासिक फैसला है जिसका आगे चलकर बहुत फायदा होगा।

अमित शाह ने कहा कि पहले सवाल किया जाता था कि सरकार ने कालेधन के खिलाफ क्या किया है और वे अब पूछ रहे हैं कि सरकार ने ऐसा निर्णय क्यों किया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने कालाधन और जाली नोटों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हमें सिर्फ लोकप्रिय घोषणाओं पर ही जोर नहीं देना चाहिए, बल्कि ऐसे फैसलों का स्वागत करना चाहिए, जो राष्ट्र के लिए लंबे समय तक लाभकारी हों।

दो दिन तक चलने वाली बैठक शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के साथ खत्म होगी। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आगामी 2 महीने में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करेगी। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि एलओसी के पार लक्षित हमले के साथ ही नोटबंदी पार्टी के लिए दो प्रमुख प्रचार के मुद्दे होंगे।