गणतंत्र दिवस के अवसर पर उरी आतंकी हमले में मारे गए शहीद की पत्नी का अपमान!

गणतंत्र दिवस के असवर पर एक तरफ जहां दिल्ली में जाबांज सैनिकों के साथ शहीदों के परिजनों को भव्य कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया, ताे वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक शहीद सैनिक के परिवार को सम्मान देने के बहाने बुलाकर उनकी पत्नी का अपमान करने का मामला सामने अाया है।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर उरी आतंकी हमले में मारे गए शहीद की पत्नी का अपमान!

गणतंत्र दिवस के असवर पर एक तरफ जहां दिल्ली में जाबांज सैनिकों के साथ शहीदों के परिजनों को भव्य कार्यक्रमों में सम्मानित किया गया, ताे वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले में एक शहीद सैनिक के परिवार को सम्मान देने के बहाने बुलाकर उनकी पत्नी का अपमान करने का मामला सामने अाया है।

मीडिया रिपाेर्टस की जानकारी के मुताबिक, खलीलाबाद पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उरी आतंकी हमले में शहीद हुए जिले के घूरापाली गांव निवासी गणेश शंकर यादव की पत्नी गुड़िया काे बिना सम्मान किए ही डीएम रमाकांत पांडेय कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए।

जिला प्रशासन की लापरवाही की शुरुआत शहीद के गांव से हुई, जब शहीद की पत्नी को किराए की गाड़ी लेकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना पड़ा, जबकि नियम के तहत शहीद के परिवार को लाने और ले जाने के लिए सरकारी वाहन की सुविधा दी जाती है। इतना ही नहीं इसके बाद शहीद गणेश शंकर की पत्नी गुड़िया को वीआईपी श्रेणी वाले दीर्घा में बैठने तक नहीं दिया गया।

शहीद की पत्नी नम आंखों से आम लोगों के लिए लगी कुर्सी पर बैठी रही, परंतु बावजूद इसके किसी अधिकारी की नजर उन पर नहीं पड़ी। यहां तक कि शहीद की पत्नी और उसके परिवार को बुलावा भेजने वाले एसपी हीरालाल जिले में तैनात नए डीएम रमाकांत पांडेय के स्वागत और सम्मान में उलझे रहे। लिहाजा, पूरे मामले पर शहीद गणेश शंकर यादव के परिजन दुखी नजर आए। वहीं इस बाबत डीएम रमाकांत पांडेय से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वो अभी नए आए हैं, इसलिए उन्हें शहीद के गणेश और उसके परिजनों के बारे में कुछ पता नहीं था।