इंदिरा गांधी 'POK' पर कब्जा कर सकती थीं- सीआईए का खुलासा

1971 के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए जंग के बाद बांग्लादेश बना था। उस दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को आशंका जताई थी कि भारत पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर (पीओके) पर कब्जा कर सकता है। सीआईए की इस रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई थी कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पीओके पर अटैक का ऑर्डर दे सकती हैं।

इंदिरा गांधी

1971 के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए जंग के बाद बांग्लादेश बना था। उस दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए को आशंका जताई थी कि भारत पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर (पीओके) पर कब्जा कर सकता है। सीआईए के पब्लिक किए गए डॉक्युमेंट्स में इस बात का खुलासा हुआ है। सीआईए की रिपोर्ट में आशंका जाहिर की गई थी कि तब की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पीओके पर अटैक का ऑर्डर दे सकती हैं।

अंतरराष्ट्रीय  मीडिया के  रिपाेर्टस के अनुसार सीआईए की एक दस्तावेज जारी किया है जिसमें कहा गया है कि बांग्लादेश युद्ध के दाैरान वॉशिंगटन में एक हाईलेवल मीटिंग हुई थी। तब अमेरिका के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन थे। उनके सिक्युरिटी एडवाइजर हेनरी किसिंजर ने अफसरों के साथ मीटिंग में भारत के एग्रेसिव ऑपरेशन पर चर्चा की थी। किसिंजर की मीटिंग में इस बात पर भी विचार किया गया था कि अगर भारत-पाकिस्तान का तनाव ज्यादा बढ़ता है और भारत पूर्वी पाकिस्तान में आर्मी ऑपरेशन जारी रखता है तो क्या किया जाए।

अमेरिका को ये थी आशंका
यूएस की टॉप लीडराें और अधिकारियाें को आशंका थी कि भारत पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए वेस्ट पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में हमला कर सकता है। वहीं पर  हालात  काे देखतें हुए  यूएस ने एक स्पेशल एक्शन ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप की मीटिंग में तब के सीआईए डायरेक्टर रिचर्ड होम्स ने कहा था- इस तरह के इनपुट हैं कि खराब होते हालात से निपटने के लिए इंदिरा गांधी पाकिस्तान के हथियारों और एयर फोर्स को तबाह करने के ऑर्डर अपनी सेना को दे सकती हैं। सीआईए के लाखों डाक्युमेंट्स पिछले हफ्ते पब्लिक किए गए थे। इन्हीं में ये जानकारी सामने आई है। दस्तावेजों के मुताबिक, निक्सन ने भारत को आर्थिक मदद कम करने की धमकी भी दी थी। हालांकि यूएस को ये समझ नहीं आ रहा था कि आर्थिक मदद कम कैसे की जाए? निक्सन और फॉरेन मिनिस्टर दोनों ने भारत को ये धमकी दी थी कि अगर जंग हुई तो मदद कम कर दी जाएगी। किसिंजर ने तो पूछा भी था कि मदद किस तरह से कम की जाएगी।


सीआईए से नाराजगी
इसी दौरान किसिंजर ने सीआईए के लिए अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी। दरअसल, किसिंजर इस बात से नाराज थे कि सीआईए के पास चीन, भारत और पाकिस्तान के इरादों को लेकर कोई ठोस जानकारी क्यों नहीं है? दस्तावेजों के मुताबिक, भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने के लिए किसिंजर सोवियत संघ (अब रूस) और चीन की भी मदद लेना चाहते थे।