उत्तराखंड: 35 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द, 70 सीटों पर बचे 687 प्रत्याशी

उत्तराखंड आगामी चुनाव से पहले जांच में 35 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र गलत पाए जाने पर निर्वाचन बाेर्ड ने खारिज कर दिया है जिसके के बाद 15 फरवरी को 70 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये अब कुल 687 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं।

उत्तराखंड: 35 उम्मीदवारों का नामांकन रद्द, 70 सीटों पर बचे 687 प्रत्याशी

उत्तराखंड आगामी चुनाव से पहले जांच में 35 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र गलत पाए जाने पर निर्वाचन आयाेग ने खारिज कर दिया है। जिसके के बाद 15 फरवरी को 70 सीटों पर होने वाले विधानसभा चुनाव के लिये अब कुल 687 प्रत्याशी चुनाव मैदान में बचे हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़े राजनीतिक दलों ने प्रदेश की सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और कल हुई जांच में सभी के नामांकन पत्र सही पाये गये हैं।

प्रदेश निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा निरस्त होने वाले 20 नामांकन पत्र निर्दलीयों के रहे जबकि टिहरी जिले की घनसाली सुरक्षित सीट से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार शूरवीर लाल, हरिद्वार जिले की रूड़की और पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट सीट से बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवारों क्रमश रश्मि मुराब और गजेंद्र सिंह तथा कोटद्वार से समाजवादी पार्टी के राकेश कुमार वर्मा के नामांकन पत्र भी जांच के दौरान सही न पाये जाने के कारण रद्द कर दिये गये।

इसके अलावा, चुनावी अखाड़े में किस्मत आजमाने उतरीं छोटी पार्टियों जैसे भारतीय अंत्योदय पार्टी, सैनिक समाज पार्टी, सर्वोदय पार्टी, वंचित समाज इंसाफ पार्टी के उम्मीदवारों के भी नामांकन पत्र रद्द हुए हैं। ताजा स्थिति के अनुसार, देहरादून जिले की धर्मपुर सीट पर सबसे अधिक 20 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जहां से उत्तराखंड़ के वन मंत्री दिनेश अग्रवाल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और यहां उनका मुख्य मुकाबला देहरादून के महापौर और भाजपा प्रत्याशी विनोद चमोली से है। धर्मपुर के बाद देहरादून जिले की ही रायपुर से 19 और सहसपुर और पौड़ी जिले की चौबटटाखाल सीट से 16-16 प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे कम चार-चार प्रत्याशी, देहरादून जिले की चकराता, उत्तरकाशी जिले की पुरोला, अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर और चंपावत जिले की चंपावत सीट पर भाग्य आजमाने उतरे हैं।

आपकाे बता दें कि उत्तराखंड़ के मुख्यमंत्री हरीष रावत ऐसे अकेले उम्मीदवार हैं जो दो जगह, हरिद्वार (ग्रामीण) और किच्छा, से चुनाव लड़ रहे हैं और दोनों ही जगह उन्हे सात-सात अन्य उम्मीदवारों से चुनौती मिल रही हैं।