"क्या पैलेट सिर्फ कश्मीरियों के लिए, जल्लीकट्टू प्रदर्शनकारियाें के लिए नहीं?"

कश्मीरी युवाआें ने रविवार की सुबह प्रेस इन्क्लेव के पास धरना प्रदर्शन किया। उनेक हाथाें में एक बैनर भी था, जाे कश्मीरियों पैलेट गोली पीड़ित एसोसिएशन के रूप में पहचान किया गया।

"क्या पैलेट सिर्फ कश्मीरियों के लिए, जल्लीकट्टू प्रदर्शनकारियाें के लिए नहीं?"

कश्मीरी युवाआें ने रविवार की सुबह प्रेस इन्क्लेव के पास धरना प्रदर्शन किया। उनेक हाथाें में एक बैनर भी था, जाे कश्मीरियों पैलेट गोली पीड़ित एसोसिएशन के रूप में पहचान किया गया। उस बैनर में लिखा हुआ था "दुनिया के लाेग ध्यान दें हम न्याय चाहतें हैं"। हमने आज इकट्ठा हाेकर अपनी खुद की सहायता करने के लिए एसाेसिएशन बनाया हैं ताकि यह बात अाप सबके कानाें तक सुनाई दे। यह बात अफताब अहमद ने बताई जाे बैनर अपने हाथाें में पकड़ें हुए था। उसने कहा कि हम आज यहा शिकायत करने नहीं बल्कि अपना अधिकार मांगने आएं हैं।

बता दें कि पिछले 5 महिनाें में श्रीनगर के प्रमुख अस्पताल एसएमएचएस जहां पर 100 से ज्यादा कैस है, जाे पैलेट गन का शिकार हाे कर अपनी आंख की राैशनी गंवा चुके है। अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार 1130 युवाआें ने अपनी आंख की राैशनी गवां दी आैर 14 ने अपनी जान दी। इनमें से अधिकांस युवा थे। वहीं पर डाॅक्टराें का कहना है की पैलेट गन से अब तक 7136 लाेग घायल हाे गए हैं।

वहीं पिछले दाे सप्ताह पहले जम्मू-कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ति ने घाटी में अशांति के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों के पक्ष में 5 लाख रुपये देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि कुछ गंभीर मामलाें में संभावना है कि नाैकरीयां भी उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही महबूबा ने कहा था कि "जिन लोगों ने अशांति के दौरान अपनी आंखों की रोशनी खो दी है" उनको सरकारी नौकरीं दी जाएगी।

वहीं विरोध कर रहे अहमद ने गोली पीड़ितों की दयनीय दशा का वर्णन किया आैर कहा कि हमारा सब कुछ छीन गया हम अब पढ़ लिख नहीं सकते है। हम सब के लिए मदद की जरूरत है। एसोसिएशन ने पैलेट गोली की उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अहमद ने कहा कि वास्तविकता बदल नहीं सकती है "कश्मीर ही एक एेसा जगह है पूरी दुनिया में जहां पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाता है।

अहमद ने आगे कहा कि  भारत में किसी भी राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों पर छर्रों का इस्तेमाल कभी नहीं किया गया है। एसाेसिएशन ने घाटी से अफस्पा काे भा हटाने की मांग की है और जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी की है।