दिल्ली में चार डिग्री पहुंचा पारा, ठंड ने तोड़ा पांच साल का रिकॉर्ड

दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. दिल्ली में तो ठंड ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बुधवार को दिल्ली में सुबह न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक पहुंच गया. कोहरे की वजह से राजधानी दिल्ली में आने-जाने वाली कुल 44 ट्रेनों पर असर पड़ा है.

दिल्ली में चार डिग्री पहुंचा पारा, ठंड ने तोड़ा पांच साल का रिकॉर्ड

दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है. दिल्ली में तो ठंड ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. बुधवार को दिल्ली में सुबह न्यूनतम तापमान चार डिग्री तक पहुंच गया. कोहरे की वजह से राजधानी दिल्ली में आने-जाने वाली कुल 44 ट्रेनों पर असर पड़ा है.

पूरे देश में अपनी सर्दी के लिए मशहूर दिल्ली में शीत लहर का प्रकोप जारी है. दो दिन पहले शिमला में हुई बर्फ़बारी से पूरा उत्तर भारत कड़ाके की ठण्ड की चपेट में है. बुधवार को सफदरजंग में सुबह न्यूनतम तापमान 4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. मंगलवार को पारा 5.1 तक पहुच गया था. मौसम विभाग के मुताबिक हड्ड‍ियों तक को गला देने वाली इस ठंड से फिलहाल अगले दो दिन तक दिल्ली वालों को कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है. ठंड और कोहरे की वजह से राजधानी दिल्ली से जाने वाली 11 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं. दिल्ली में आने वाली 26 ट्रेन देर से चल रही हैं तथा 7 ट्रेनों के समय में बदलाव कर दिया गया है.

नेशनल वेदर फोरकास्टिंग सेंटर की प्रमुख के सथीदेवी ने बताया, 'शनिवार को बादल घिरे थे, बारिश भी हुई थी, ये वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की वजह से हुआ. अब इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस चला गया है तो अब उसके पीछे ठंडी हवाओं का आक्रमण हो रहा है जो कि बहुत स्ट्रांग है. मंगलवार को सफदरजंग में तापमान 5.1 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, अगले 2 दिन में तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट और आएगी.'

वीकेंड में हुई बारिश की वजह से मौसम ने अपने मिजाज़ बदले थे, हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल बारिश के कोई आसार नहीं हैं. अगले दो दिन में राजधानी और आसपास के इलाकों का पारा 2 डिग्री तक और गिरने की सम्भावना है. जिसके चलते मौसम विभाग ने दिल्ली समेत हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ इलाकों को ठंडी हवाओं के प्रकोप से बचने के लिए चेतावनी भी जारी कर दी है.

श्रीनगर हवाई अड्डे पर हवाई यातायात रविवार को बहाल हुआ, क्योंकि उड़ानें मौसम में सुधार के बाद उतरने और उड़ान भरने में सक्षम थीं. अधिकारियों ने बताया कि तकरीबन 300 किलोमीटर लंबे मुख्य मार्गीय राजमार्ग से बर्फ और कुछ स्थानों पर हुए भूस्खलन के कारण जमा मलबे को हटा दिया गया और फंसे हुए वाहनों को श्रीनगर की ओर बढ़ने की अनुमति दी गई.