पंजाब में चल सकती है 'आप' की झाड़ू !

पंजाब चुनाव में आम आदमी पार्टी अकाली-बीजेपी गठबंधन और कांग्रेस को कड़ी टक्कर दे रही है।

पंजाब में चल सकती है

पंजाब  चुनाव खत्म होने के साथ ही 1145 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। जनता ने अपना फैसला सुना दिया है अब नजरें 11 मार्च पर है जब जनता द्वारा किए गए फैसले का परिणाम आएगा। वोटिंग खत्म होने के बाद से सभी दल अपनी जीत का दावा कर रहे है। लेकिन इन दावों के बीच पंजाब में ‘झाड़ू’ भी चल सकती है। मतलब जो दिल्ली में हुआ वो पंजाब में भी हो सकता है। वोटरों के रुझान की बात करें तो अलग अलग इलाकों अलग अलग पार्टियां पसंद की गई है। इस बार की वोटिंग में पंजाब के वोटर्स ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है। खासकर पंजाब के युवा मतदाताओं ने अपने मत का इस्तेमाल किया है। मतलब ऐंटी इनकम्बेंसी का फायदा भी आम आदमी पार्टी को मिलती हुई दिख रही है। इस बार का चुनाव त्रिकोणिय था ऐसे में वोट पर्सेंटेज का थोड़ा अंतर भी बहुत मायने रखती है।

पंजाब चुनाव में ये मुद्दे छाए रहे

पंजाब चुनाव में बेरोजगारी भी बड़ा मुद्दा रहा इसके अलावा विकास को भी चुनावी मुद्दा बनाया गया था। पंजाब चुनाव में नशाखोरी भी एक बड़ा मुद्दा बना रहा । एक सर्वे के मुताबित 14 प्रतिशत लोगों ने सूबे में नशे को बड़ा मुद्दा माना था।  नशाखोरी के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी लोगों को कनविंस करने में कामयाब रही थी।

किस इलाके में किसका दबदबा देखा गया था  ?
बात मालवा की करें तो एक सर्वे के मुताबिक मालवा की 69 सीटों पर आम आदमी का दबदबा था, आप को 33 प्रतिशत, कांग्रेस को 29 प्रतिशत, बीजेपी और अकाली गठबंधन को 28 प्रतिशत लोगों के समर्थन  हासिल की बात सामने आई थी। अन्य के हिस्से 10 प्रतिशत लोगों के जाने की बात सामने आई थी। सर्वे के मुताबिक माझा की 25 सीटों में कांग्रेस को भारी समर्थन की उम्मीद थी. कांग्रेस को 48 प्रतिशत, अकाली-बीजेपी गठबंधन को 22 प्रतिशत, आप को 14 प्रतिशत और अन्य को 16 प्रतिशत समर्थन की बात सामने आई थी।सर्वे के मुताबिक दोआब की 23 सीटों में अकाली-बीजेपी गठबंधन आगे थी। इस गठबंधन को 36 प्रतिशत, कांग्रेस को 33 प्रतिशत, आप को 23 प्रतिशत और अन्य के हिस्से 8 प्रतिशत समर्थन हासिल था।

नवजोत सिंह सिद्धू का बहुत ज्यादा असरदार नहीं रहे

इस बार के चुनाव में नवजोत सिद्धू इस बात को लेकर ज्यादा छाए रहे कि वो बीजेपी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी में जाएंगे या फिर कांग्रेस में। अंत में उन्होने कांग्रेस ज्वाइन किया लेकिन कांग्रेस के लिए उतने असरदार नहीं रहे जितनी उम्मीद की जा रही थी। सोशल मीडिया पर भी सिद्धू का खूब मजाक उड़ाया गया।

पंजाब में त्रिकोणीय मुकाबला
पंजाब में सुबह 8 बजे वोटिंग शुरू हुई. इन दोनों ही राज्यों में त्रिकोणिय मुकाबला देखने को मिल रहा है. पंजाब में जहां शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी की गठबंधन सरकार को कांग्रेस और आप से कड़ी टक्कर मिल रही है।

इनकी किस्मत ईवीएम में कैद

SAD से मौजूदा सीएम प्रकाश सिंह बादल, मौजूदा डिप्टी सीएम  सुखबीर सिंह बादल , कांग्रेस के सीएम फेस अमरिंदर सिंह,  AAP के जरनैल सिंह  कांग्रेस के नवजोत सिंह सिद्धू,  आम आदमी पार्टी के भगवंत मान जैसे कई दिग्गजों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है।

अब देखना है कि अकाली दल-बीजेपी का गठबंधन अपनी सरकार बचा पाती है या 10 साल बाद पंजाब में कांग्रेस सत्ता में लौट पाएगी? क्या दिल्ली से पंजाब पहुंचे केजरीवाल का झाड़ू पंजाब में करिश्मा कर जाता है?

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