रसोई गैस के बाद अब राशन की दुकान पर सस्ते अनाज के लिए आधार अनिवार्य

रसोई गैस के बाद अब सरकार ने राशन की दुकानों से सब्सिडी वाले अनाज की आपूर्ति पर आधार अनिवार्य कर दिया है। इसका खास मकसद खाद्द सुरक्षा कानून के तहत 1.4 लाख करोड़ रूपए की सब्सिडी को सही लोगों तक पहुंचाना है। जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है। उन्हें इसका आवेदन करने के लिए 30 जून तक का वक्त दिया गया है...

रसोई गैस के बाद अब राशन की दुकान पर सस्ते अनाज के लिए आधार अनिवार्य

रसोई गैस के बाद अब सरकार ने राशन की दुकानों से सब्सिडी वाले आनाज की आपूर्ति पर आधार अनिवार्य कर दिया है। इसका खास मकसद खाद्द सुरक्षा कानून के तहत 1.4 लाख करोड़ रूपए की सब्सिडी को सही लोगों तक पहुंचाना है। जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है। उन्हें इसका आवेदन करने के लिए 30 जून तक का वक्त दिया गया है। सरकार ने इस बारे में अधिसुचना जारी की है। हालांकि सरकार ने ये नहीं कहा है कि 30 जून के बाद आधार के बिना सब्सिडी वाला खाद्दान्न नहीं दिया जाएगा।

बता दें कि खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सरकार देश की 80 करोड़ आबादी को हर महीने प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज 1 से 3 रुपये किलो की सस्ती दर पर उपलब्ध कराती है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सरकार 1.4 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी हर साल देती है। खाद्य और उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से 8 फरवरी को जारी अधिसूचना के मुताबिक राशन कार्ड धारकों को आधार नंबर का प्रूफ देना होगा और सब्सिडी पाने के लिए उन्होंने आधार नंबर के जरिए सत्यापन कराना होगा। जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में यह अधिसूचना 8 फरवरी से ही लागू हो गई है।

गौरतलब है कि अधिसूचना में कहा गया है कि जिन लाभार्थियों के पास आधार कार्ड नहीं है, वे सब्सिडी हासिल करने के लिए 30 जून तक आधार के लिए आवेदन कर दें। एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 72 फीसदी राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक किए जा चुके हैं। देश भर में करीब 23 करोड़ राशन कार्ड हैं, जिनमें से 16.62 करोड़ आधार कार्ड से लिंक हो चुके हैं। देश में 5.27 लाख राशन दुकानें हैं।