प्रेमिका के बाद मां-बाप का हत्या कर उदयन ने घर के बागीचे में दफनाया

आकांक्षा शर्मा की मर्डर मिस्ट्री की जांच में आरोपी उदयन दास ने अब कबूल किया है कि 2011 में उसने अपनी बुजुर्ग मां इंद्राणी दास और पिता वीके दास की भी गला दबाकर हत्या की है

प्रेमिका के बाद मां-बाप का हत्या कर उदयन ने घर के बागीचे में दफनाया

आकांक्षा शर्मा की मर्डर मिस्ट्री की जांच में पाया गया आरोपी उदयन दास ने अब कबूल किया है कि साल 2011 में उसने अपनी बुजुर्ग मां इंद्राणी दास और पिता वीके दास की भी गला दबाकर हत्या कर दी थाी। दोनों की लाश घर के बगीचे में ही दफना दिया था। हत्या का कारण उसने अपनी जिंदगी में माता-पिता का बढ़ता दखल बताया। इसके बाद उसने मां का डेथ सर्टिफिकेट बनवाया और रायपुर की पॉश कॉलोनी सुंदरनगर का मकान अपने नाम करवाकर मात्र 31 लाख रु. में बेच दिया।


एसपी साउथ सिद्धार्थ बहुगुणा के मुताबिक, गोविंदपुरा थाने में उदयन से शुक्रवार देर रात पूछताछ की गई। उसने बताया कि रायपुर के सुंदर नगर में एनसीसी ऑफिस के पास उनका घर था। उस दिन बरसात हो रही थी। मां और पापा घर से बाहर निकलने, पैसे खर्च करने, नशा करने पर बार-बार टोकते थे। केवल पढ़ाई पर जोर देते रहते थे। इसके चलते गुस्से में पहले उसने मां का गला दबा दिया फिर पापा को भी मार डाला। अंधेरा होने पर दोनों को घर के ही आंगन में गड्ढा खोदकर दफना दिया। उदयन के नए खुलासे की तस्दीक के लिए भोपाल और पश्चिम बंगाल पुलिस की टीम रायपुर के लिए रवाना हो गई है।


आरोपी से रायपुर का मकान खरीदने वाले हरीश पांडे ने बताया कि उनका पूरा सौदा उदयन के परिचित सुरेश। दुआ के साथ हुआ। पैसा भी उसे ही दिया। रजिस्ट्री के वक्त उदयन रायपुर आया था और रजिस्ट्री के पेपर्स पर दस्तखत भी किए लेकिन दोनों में कोई बात नहीं हुई। मकान खरीदने के बाद जब पांडे यहां आए तो सामने गार्डन नहीं था, खाली जमीन पड़ी थी और सब अस्त-व्यस्त था। उन्होंने ही वहां काली मिट्टी डलवाई, फिर गार्डन बनाया। 1800 वर्गफीट पर बना यह मकान डुप्लेक्स है।


मीडिया की पड़ताल में पता चला कि दास परिवार ने 2008 में रायपुर में इंद्राणी के नाम मकान खरीदा था। यहां शिफ्ट होने के बाद दास परिवार ने पड़ोसियों से न कभी बात की, न किसी से संबंध रखा। वारदात के बाद उदयन ने मां के नाम रजिस्टर्ड इस मकान को बेचने की तैयारी कर ली। इसके लिए उसने इटारसी, होशंगाबाद नगर पालिका से मां के नाम का डेथ सर्टिफिकेट बनवाया।




डेथ सर्टिफिकेट में इंद्राणी की मौत 05-02-2013 को होनी बताई गई है। जबकि, सर्टिफिकेट बनवाने की तारीख 08-02-2013 प्रिंट है। भोपाल पुलिस ने इस सर्टिफिकेट को जांच में ले लिया है। अगर इसे फर्जी तरीके से बनवाया गया होगा तो उदयन और नगर पालिका के कर्मचारी के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।



शनिवार को सुभाष नगर विश्रामघाट पर दोपहर आकांक्षा का अंतिम संस्कार विद्युत लाशदाह गृह में हुआ। आयुष के मौसा बांकुरा से आए थे। वे आकांक्षा की अस्थियां लेकर बाहर निकले।