'एंटी रोमियो स्क्वाड' मुसीबत या जरुरत !

14 फरवरी वैलेंटाइन डे। स्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा इसकी तैयारियों में लगे होंगे। लेकिन इस बीच एक बयान उनके कुछ अरमानों पर पानी फेर सकता है।

14 फरवरी वैलेंटाइन डे। स्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाले युवा इसकी तैयारियों में लगे होंगे। लेकिन इस बीच एक बयान उनके कुछ अरमानों पर पानी फेर सकता है। बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में एक वादा किया है कि अगर बीजेपी यूपी में चुनाव जीतकर सत्ता में आती है तो वह एक एंटी रोमियो स्क्वाड बनाएगी। जो कि स्कूल कॉलेजों आदि में पढ़ने वाली युवतियों की सुरक्षा करेगी। सबसे बड़ा असमंजस यह है कि इसे लागू कैसे किया जाएगा। इसे लागू करने का तरीका क्या होगा। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने रैली में वादा किया था कि अगर बीजेपी यूपी में सत्ता में आती है तो पार्टी एक एंटी रोमियो स्क्वाड बनाएगी और वह छात्राओं पर होने वाले उत्पीड़न को रोकेगी। उनकी सुरक्षा करेगी।

पार्टी का कुछ वर्ग इसे दूसरे तरीके से ले रहा है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक वे यह तय करेंगे की कार्रवाई सिलेक्टिव हो और वह सिर्फ उन्हीं को टारगेट करेंगे जो कि हिंदू लड़कियों का उत्पीड़न करेंगे। ऐसा ही नजरिया रखने वाले और चुनावी रैली में ऐसा भाषण देने के लिए बीजेपी के राष्ट्रीय सह-संयोजक सुनील भराला के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। मेरठ में पीएम की रैली से इतर सुनील भराला ने कहा था कि स्क्वाड लव जिहाद के मामले में कार्रवाई करेगी। यदि कोई मुस्लिम लड़का हिंदू लड़की के साथ रोमांस होता है तो यह स्क्वाड कार्रवाई करेगी। इस क्षेत्र में कुछ बीजेपी नेता पार्टी के लिए समर्थन जुटाने में लगे हैं। इसमें मुजफ्फरनगर की सरधना सीट से विधायक संगीत सोम का भी क्षेत्र शामिल है।

भराला ने कहा कि लव जिहाद में मासूम लड़कियों को टारगेट किया जाता है उन्हें लालच दिया जाता है। मुजफ्फरनगर दंगे भी लव जिहाद के कारण ही हुए थे। मेरठ में छात्रों का कहना है कि पिछले कई साल से ऐसे कई समूह मेरठ में सक्रिय हैं। मेरठ में ग्रेजुएशन फाइनल ईयर में पढ़ने वाली एक छात्रा का कहना है कि एंटी रोमियो स्क्वाड समस्याओं को सुलझाने के बजाय बढाएंगे। युवाओं को थोड़ी तो फ्रीडम मिलनी चाहिए। एक दूसरे छात्र का कहना है कि स्क्वाड किसी पॉलिटिकल पार्टी के अंडर में नहीं होना चाहिए वह न्यायपालिका की देखरेख में होना चाहिए। बीजेपी के एक प्रवक्ता ने साफ किया कि स्क्वाड नियम कानून के मुताबिक ही होगा और उसे पुलिस स्टेशन से ही चलाया जाएगा। पिछले 10 साल से असामाजिक तत्वों द्वारा उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

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