बेंगलुरु: एशिया के सबसे बड़े विमानों के मेले 'एयरो इंडिया 2017' का उद्घाटन

विमानों के इस मेले को प्रत्येक दो सालों में एक बार आयोजित किया जाता है। इस मेले में दुनिया के 72 विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा।

बेंगलुरु: एशिया के सबसे बड़े विमानों के मेले

एशिया में विमानों का सबसे बड़ा मेला कहे जाने वाले एयरो इंडिया का शुभारंभ मंगलवार यानि आज से हो रहा है। विमानों के इस मेले को प्रत्येक दो सालों में एक बार आयोजित किया जाता है। इस मेले में दुनिया के 72 विमानों का प्रदर्शन किया जाएगा। पांच दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर में रक्षा जगहों से जुड़ी कम्पनियां अपने विमानों और उत्पादों का प्रदर्शन करेंगी।

ज्ञात हो कि एयरो इंडिया में इस बार 549 देशी-विदेशी कम्पनियां हिस्सा ले रही हैं जिनमें 270 भारतीय कम्पनियां और 279 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। इस कार्यक्रम का उद्घाटन रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर द्वारा किया जाएगा।

कर्नाटक में बेगलुरु के येलहांका में स्थित वायुसेना स्टेशन पर इस प्रदर्शिनी का आयोजन किया गया है। मनोहर पार्रिकर के अलावा सेना के प्रमुख जनरल बिपिन रावत और वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। 14 से 18 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम को रक्षा प्रदर्शनी संगठन द्वारा आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में विज्ञान और प्रौधिगिकी मंत्री वाई.एस चौधरी और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी के साथ-साथ और भी कई नामी लोग इसका हिस्सा बनेंगे।

भारतीय नामी-गिरामी लोगों के अलावा इस प्रदर्शिनी को देखने के लिए विदेश से भी कई नामचीन लोग भारत में आए हुए हैं। विमानों की प्रदर्शिनी देखने के लिए देश के कई राज्यों से लोग येलहांका स्थित वायुसेना स्टेशन पर पहुंच रहे हैं।

इस प्रदर्शिनी में आम लोगों के लिए मुख्य केंद्र विमानों का हवा में करतब करके दिखाना होगा। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर अपनी करतब दिखाने वाली टीम सारंग और लड़ाकू विमानों की करतब दिखाने वाली टीम सूर्यकिरण इसमें अपना हुनर दिखाएंगी। इनके अलावा स्वीडन और ब्रिटेन की टीमें भी आसमान में अपना करतब दिखाते हुए नजर आएंगी।

वहीं इस प्रदर्शिनी में कई विदेशी कम्पनियां मेक इन इंडिया के तहत भारतीय कम्पनियों के साथ मिलकर नए-नए हथियार बनाने की तैयारी कर रही हैं। कम्पनियों को अगर लड़ाकू विमान बनाने का ऑडर मिलता है तो वे अमेरिका के एफ-18 जैसे लड़ाकू विमान को भारत में भी बना पाएंगी।