भोपाल हत्याकांड: आरोपी ने रुपये के लिए पिता की आवाज में बैंक मैनेजर को किया फोन

प्रेमिका और माता-पिता की हत्या के आरोपी उदयन ने पैसों के लिए कई बड़े फर्जीवाड़े किए। मां की हत्या के बाद उसने फर्जी दस्तावेजों से मां की प्रॉपर्टी अपने नाम करवाकर बेची दी और रुपयों के लिए पिता की आवाज निकालकर बैंक मैनेजर को किया फोन, लेकिन मैनेजर नहीं माना।

भोपाल हत्याकांड: आरोपी ने रुपये के लिए पिता की आवाज में बैंक मैनेजर को किया फोन

भोपाल में प्रेमिका आकांक्षा और 5 साल पहले रायपुर में माता-पिता की हत्या कर शव को बंगले के बगीचे में दफनाने वाले आरोपी उदयन दास ने पैसों के लिए कई बड़े फर्जीवाड़े किए। मां इंद्राणी के मर्डर के बाद उसने फर्जी दस्तावेजों से उनकी प्रॉपर्टी अपने नाम कर बेची, एफडी तुड़वा ली और पेंशन भी खुद लेने लगा। लेकिन पिता वीरेंद्र दास के लॉकर में रखे 4 लाख रुपए और 50 हजार की एफडी वह नहीं तुड़वा पाया। उसने मर्डर के बाद बैंक अधिकारी को पिता की आवाज में फोन किया और कहा कि बेटे को लॉकर की चाबी दो और एफडी भी तोड़ दो। लेकिन बैंक अफसर नहीं माने।

उदयन ने पिता की आवाज में बात कर बैंक के अफसरों को झांसे में लेने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं हो पाया। आरोपी उदयन ने बैंक में फोन कर कहा- ‘मैं अमेरिका में हूं। अभी रायपुर नहीं आ सकता। बेटे उदयन दास को भेज रहा हूं। वह बैंक आएगा। आप उसे एफडी की रकम दिलवा दीजिएगा। लॉकर की एक चाबी अमेरिका में हम लोगों के पास है। इसलिए दूसरी चाबी उदयन को दी जाए, ताकि वह लॉकर खोलकर उसमें रखी चीजें और पैसे निकाल सके। आप चाहें तो मैं अमेरिका से उदयन के नाम अथॉरिटी मेल कर दूंगा।

फोन के बाद भी मैनेजर नहीं माने और अड़ गए कि जब तक वे खुद नहीं आएंगे, न एफडी तोड़ी जाएगी और न ही लॉकर खुलेगा। बाद में उदयन ने पिता का इसी बैंक का बंद खाता भोपाल ट्रांसफर करा लिया।

आकांक्षा मर्डर केस में भोपाल पुलिस पर आरोप लगे हैं। आकांक्षा के पिता शिवेंद्र शर्मा ने बांकुरा एसपी से हुई बातचीत में आरोप लगाया है कि भोपाल पुलिस ने मदद नहीं की। नवंबर में वे अपने बेटे के साथ आकांक्षा की तलाश में भोपाल आए थे। शिवेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस उस वक्त मदद कर देती तो उदयन की करतूत पहले ही उजागर हो गई होती।