BMC: शिवसेना को समर्थन देने से कांग्रेस ने किया इनकार

कांग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन दिए जाने की अटकलों के बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस शिवसेना को किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं करेगी, क्योंकि कांग्रेस शिवसेना की विचारधारा का समर्थन नहीं करती है।

BMC: शिवसेना को समर्थन देने से कांग्रेस ने किया इनकार

कांग्रेस बीएमसी चुनावों में हार के बाद पर्दे के पीछे से मात देने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं इस बात पर भी सस्पेंस बना हुआ है कि कौन सत्ता संभालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस द्वारा शिवसेना को समर्थन दिए जाने की खबरों के बीच कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस शिवसेना को किसी भी कीमत पर समर्थन नहीं करेगी, क्योंकि कांग्रेस शिवसेना की विचारधारा का समर्थन नहीं करती है। शिवसेना ने हमेशा धर्म-जाति के विभाजन की राजनीति की है।

बता दें कि इससे पहले ऐसी भी खबरें आ रही थी कि बीएमसी में सत्ता पाने में बहुमत से दूर रही शिवसेना को कांग्रेस समर्थन दे सकती है। कांग्रेस के कुछ नेता इसका समर्थन कर रहे थे, लेकिन खुलकर सामने नहीं आ रहे थे।

वहीं संजय निरुपम से पहले कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व नगर प्रमुख गुरुदास कामत ने शनिवार को इस फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा था कि वह बीएमसी में शिवसेना को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के खिलाफ हैं। उन्होंने इस बारे में उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को भी अवगत करा दिया है।

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने विगत शुक्रवार को एक सुरक्षित चाल चलते हुए शिवसेना को संकेत दिया कि पहले वह भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से अलग हो जाए। उसके बाद कांग्रेस पार्टी शिवसेना की मदद करेगी।

कांग्रेस बीएमसी चुनाव में 227 सदस्यीय सीटों में से 31 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रही है। कांग्रेस जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करना चाहती है। वह पांच राज्यों में जारी विधानसभा चुनावों के खत्म होने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहती है। कांग्रेस एक बार फिर धर्मनिरपेक्षता का नारा बुलंद करते हुए अपनी धुर विरोधी बीजेपी को मात देना चाहती है।

बीएमसी में सबसे बड़ी पार्टी बनी शिवसेना की अब कुल 87 सीटें हो गई हैं। दरअसल उसके 3 बागी नेता जो निर्दलीय चुनाव जीते थे, वह अब शिवसेना में वापस लौट आए हैं। इसलिए उद्धव ठाकरे को बीएमसी में अपनी सरकार बनाने के लिए 114 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में कुछ मदद मिली है।