भैंसा ‘युवराज’ सालाना कमाता है 50 लाख रुपए से ज्यादा, कीमत जानकर रह जाएंगे दंग...

यूपी और मध्य प्रदेश के सीमा पर स्थित जिले चित्रकूट में चल रहे ग्रामोदय मेला में सुपर भैसा ‘युवराज’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 9 साल के इस भैसे की कीमत 9.25 करोड़ रुपए है।

भैंसा ‘युवराज’ सालाना कमाता है 50 लाख रुपए से ज्यादा, कीमत जानकर रह जाएंगे दंग...

यूपी और मध्य प्रदेश के सीमा पर स्थित जिले चित्रकूट में चल रहे ग्रामोदय मेला में सुपर भैसा ‘युवराज’ आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 9 साल के इस भैसे की कीमत 9.25 करोड़ रुपए है। इसका वजन 1200 किलो, लंबाई 11.5 फीट और 5.8 फीट ऊंचा है। युवराज की आहार आम भैसों से अलग है। उसकी रोजाना खाने का आहार सुनकर आप सन पड़ जाएंगे। युवराज प्रतिदिन 20 लीटर दूध, 10 किलो फल खासकर सेब और शलजम, 5 किलो हारा चारा और 5 किलो भूसा खाता है। वह रोजाना 5 किलोमीटर प्रतिदिन चलता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युवराज के मालिक हरियाणा में करुक्षेत्र के रहने वाले कर्मवीर सिंह है। उनका कहना है कि युवराज उनके परिवार के एक सदस्य की तरह है, वह बेटे की तरह उसका ख्याल रखते हैं। युवराज बेशकीमती है, उसकी कोई कीमत नहीं लगाी जा सकती। उनका दावा है कि युवराज की कीमत 9.25 करोड़ रुपए लग चुकी है। कर्मवीर का कहना है कि युवराज की डाइट और उसके रखरखाव पर प्रतिदिन 3 से 4 हजार रुपए खर्च होते हैं। अगर महीने का हिसाब लगाया जाए तो युवराज पर करीब सवा लाख रुपए का खर्च होते हैं। उनका दावा है कि युवराज से एक बार प्राप्त सीमेन से 700 से 900 भैंस गर्भवर्ती होती है।

कमाई की बात करे तो कर्मवीर का दावा है कि युवराज से उन्हें सालाना 50 लाख रुपए से ज्यादा की आमदनी होती है। वह कहते हैं कि युवराज से होने वाली कमाई दूसरे जानवरों के बेहतरी में काम आती है। देश के तमाम मेलों में आकर्षण का केंद्र रहा युवराज ग्रामोदय मेला की भी शान बढ़ा रहा है। युवराज जहां भी जाता है वहां आकर्षण का केंद्र बन जाता है। युवराज को खरीदने के लिए कई लोग कर्मवीर को अच्छे पैसे का प्रस्ताव दे चुके हैं, लेकिन वह इसे बेचने के लिए तैयार नहीं हैं।

गाैरतलब है कि चित्रकूट में 24 से 27 फरवरी तक ग्रामोदय मेले का आयोजन किया गया। दीनदयाल शोध संस्थान और उद्यमिता केन्द्र द्वारा नानाजी देशमुख की जन्म शताब्दी पर लगाए जाने वाले इस चार दिवसीय मेले में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं उपक्रमों के प्रदर्शन स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं राज्य शासन के विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों से संबंधित स्टाल लगाए गए। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे।