US से डर कर नाैसेना की ताकत बढ़ाने में जुटा चीन

चीन ने अपनी नौसेना को अगामी सालाना रक्षा बजट में ज्यादा फंड देने की उम्मीद बताई जा रही है। बीजिंग समुद्र में अमेरिका के प्रभुत्व को टक्कर देना चाहता है।

US से डर कर नाैसेना की ताकत बढ़ाने में जुटा चीन

चीन ने अपनी नौसेना को अगामी सालाना रक्षा बजट में ज्यादा फंड देने की उम्मीद बताई जा रही है। बीजिंग समुद्र में अमेरिका के प्रभुत्व को टक्कर देना चाहता है। इसके मद्देनजर चीन पूरी दुनिया के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन कर अमेरिका के मुकाबले अपनी गंभीर दावेदारी पेश करना चाहता है। पिछले कुछ महीनों से चीनी नौसेना की भूमिका काफी अहम हो गई है। चीन का पहला एयरक्राफ्ट कैरियर स्वशासित ताइवान के इर्द-गिर्द चक्कर काट रहा है। चीन के कई नए जंगी जहाज कई दूर-दराज के हिस्सों में देखे जा रहे हैं। ऐसा नहीं कि चीन ने खुद को सैन्य क्षमताओं में मजबूत करने की यह मुहिम हाल-फिलहाल शुरू की है। पिछले लंबे समय से वह लगातार अपनी सैन्य क्षमताएं बढ़ाने और सेना के आधुनिकीकरण की कोशिशों में जुटा हुआ है। इसके लिए चीन पिछले दाे दशक में पानी की तरह पैसा भी बहाया है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक चीन की समुद्रीय गतिविधियों को लेकर बीजिंग के एक एशियन राजनयिक ने कहा, 'इसे संकट के दौर का मौका कह लीजिए। चीन को डर है कि ट्रंप उसके खिलाफ जा सकते हैं। ट्रंप काफी अप्रत्याशित हैं। इसीलिए चीन आने वाली किसी भी संभावना के लिए खुद को तैयार करने में लगा हुआ है।' यही कारण है कि चीन अपनी नौसेना की क्षमता बढ़ाने पर काफी खर्च कर रहा है। आधिकारिक तौर पर चीन ने बताया था कि साल 2016 में उसने अपने रक्षा बजट पर करीब 93 खरब रुपये खर्च किए, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि चीन अपनी नौसेना में इससे कहीं ज्यादा निवेश कर रहा है।

गाैरतलब है कि चीन अगले महीने ही संसद की सालाना बैठक के दौरान रक्षा बजट पेश करने वाला है। इस पर ना केवल उसके पड़ोसी देशों, बल्कि वॉशिंगटन की भी पैनी नजर होगी। इस बजट से चीन की रणनीति और इरादों का संकेत मिलने की उम्मीद है। पिछले साल चीन ने अपने रक्षा बजट में केवल 7.6 फीसद वृद्धि की थी, जो कि पिछले 6 सालों के आंकड़ों के मुताबिक सबसे कम है। सिंगापुर स्थित एस राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज में मिलिट्री ट्रांसफ़र्मेशन्स प्रोग्रैम के संयोजक रिचर्ड बिटज़िंगर ने बताया कि 'पिछले 15 साल से चीन अपने रक्षा बजट पर काफी खर्च कर रहा है। निश्चित तौर पर इसका एक बड़ा हिस्सा चीनी नौसेना के खाते में गया है। हमें नहीं पता कि चीन अपनी नौसेना पर असल में कितना खर्च करता है, लेकिन उनके यहां जितनी मात्रा में और जिस स्तर के जहाज और पनडुब्बियां बन रहे हैं, उन्हें देखकर लगता है कि चीन ने इस पर बहुत ज्यादा खर्च किया है।'