चीन का सैनिक 1963 से भारत में फंसा

1963 में सीमा पार कर भारत में घुस आया चीन का सैनिक वापस लौटकर अपने देश नहीं जा पाया। भारत में राज बहादुर की पहचान के साथ रह रहा है।

चीन का सैनिक 1963 से भारत में फंसा

1963 में सीमा पार कर भारत में घुस आया चीन का एक सैनिक वापस लौटकर अपने देश नहीं जा पाया। वह 50 साल से ज्यादा समय से भारत में ही रह रहा है। इतने सालों में पहली बार उसने चीन में अपने भाई से फोन पर बात की। जानकारी मिलने के बाद चीन ने कहा है कि वह अपने सैनिक को वापस लाने के लिए भारत के साथ मिलकर कोशिश रहा है। इस सैनिक का नाम वांग ची है। चीनी मीडिया ने इस बारे में रिपोर्ट करते हुए कहा कि वांग के वापस लौटने से दोनों देशों के आपसी रिश्ते मजबूत होंगे। वांग भारत में राज बहादुर की पहचान के साथ रह रहा है।

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा कि उन्हें वांग के मामले की जानकारी है। कांग ने आगे कहा, 'हमें यकीन है स्वदेश लौटने की वांग की इच्छा का सम्मान करते हुए भारत और चीन की साझा कोशिशों से इस मामले को सुलझाया जा सकता है।' वांग की उम्र अब 77 साल हो चुकी है।

जानकारी के अनुसार, चीन-भारत युद्ध के कुछ हफ्तों बाद ही जनवरी 1963 में उसे भारतीय सीमा के अंदर पकड़ा गया था। उसने कई साल भारतीय जेलों में गुजारे। फिर 1969 में अदालत के फैसले के बाद उसे रिहा कर दिया गया। पुलिस उसे मध्य प्रदेश के तिरोदी गांव लेकर चली गई। वांग तब से इसी गांव में रह रहा है।

वांग ने भारत सरकार और पेइचिंग से इजाजत मांगी है, क्योंकि वह चीन जाकर अपने भाई-बहनों से मिल सके। वांग का मामला भारत और चीन, दोनों के लिए ही काफी उलझा हुआ है। 1969 में रिहा होने के बाद वह तिरोदी में बस गया। वहां उसने एक स्थानीय युवती से शादी की और उसके तीन बच्चे हैं। एक बार चीन जाने के बाद वह लौटकर भारत आएगा या नहीं, यह सोचकर उसका परिवार काफी परेशान है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हम इस मामले का ब्योरा जानने के लिए गृह मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। इस केस को बेहतर तरीके से कैसे सुलझाया जा सके, इसपर भी विचार किया जा रहा है।