कन्ज्यूमर गुड्स कंपनियां लेकर आ रही है ग्रामीण बाजार के लिए विशेष योजनाएं

कन्ज्यूमर गुड्स कंपनियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद शहरी इलाकों में सेल्स में कमी आने के बाद अब वो सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी दोगुनी करने की योजना का फायदा उठाना चाहती हैं।

कन्ज्यूमर गुड्स कंपनियां लेकर आ रही है ग्रामीण बाजार के लिए विशेष योजनाएं

कन्ज्यूमर गुड्स कंपनियां ग्रामीण इलाकों पर फोकस बढ़ाना चाहती थीं, लेकिन उनका कहना है कि अभी से पहले उन्होंने 'भारत' (देश के पिछड़े इलाकों) के लिए कभी अलग से रणनीति नहीं बनाई थी। नोटबंदी के बाद शहरी इलाकों में सेल्स में कमी आने के बाद अब वो सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी दोगुनी करने की योजना का फायदा उठाना चाहती हैं। सैमसंग इंडिया ने पहली बार जिला स्तर पर हर तालुका या तहसील के लिए कारोबारी योजना बनाने का फैसला किया है। कंपनी वहां फुल सर्विस बैकअप भी देगी। इसके लिए देश की सबसे बड़ी कन्ज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ने छोटे शहरों में 15 नई ब्रांच खोलने का फैसला किया है और उसने रीजनल चैनल मैनेजर की नई पोस्ट बनायी है, जो डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करेगा।

उसकी प्रतिद्वंद्वी विडियोकॉन 5 करोड़ रुपये की आमदनी वाले सभी मार्केट में वेयरहाउस खोल रहा है और वहां सर्विस सेंटर स्थापित कर रहा है। पैनासॉनिक तो छोटे मार्केट्स के लिए अलग प्रॉडक्ट लाइन ला रहा है। वह इसके लिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को भी मजबूत करने पर काम कर रहा है। छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचने के लिए पैनासॉनिक एक रेफ्रिजरेटेर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी लगा रहा है। वहीं, डाबर, पारले, गोदरेज कन्ज्यूमर प्रॉडक्ट्स और मैरिको जैसी एफएमसीजी कंपनियां छोटे शहरों के लिए सीधे हायरिंग कर रही हैं या छोटे मार्केट्स पर फोकस बढ़ा रही हैं।

विडियोकॉन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर सीएम सिंह ने बताया, 'नोटबंदी के बाद शहरी परिवारों के व्यवहार में बदलाव हुआ है। इन इलाकों में पहले जो लोग कई प्रॉडक्ट्स खरीदते थे, अब वे सबसे अच्छा एक प्रॉडक्ट खरीद रहे हैं। इसलिए हमें छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में पहुंच बढ़ानी होगी, जहां पहली बार फर्स्ट टाइम बायर्स मिल रहे हैं। इन इलाकों में हमारे लिए ग्रोथ की काफी गुंजाइश है।'