गठबंधन के बावजूद 14 सीटों पर सपा-कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने

समाजवादी पार्टी-कांग्रेस में गठबंधन के बाद भी 14 सीटों पर दोनों के उम्मीदवार आमने-सामने है।

गठबंधन के बावजूद 14 सीटों पर सपा-कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने

समाजवादी पार्टी-कांग्रेस में गठबंधन के बाद भी 14 सीटों पर दोनों के उम्मीदवार आमने-सामने है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अमेठी और रायबरेली की 10 में से 5 सीटों पर सपा ने अपने उम्मीदवारों का एलान किया है, जबकि कांग्रेस ने 7 सीटों पर।

वहीं दोनों ही पार्टियों के सरेनी और सालोन में भी उम्मीदवार है। इस सूची में अमेठी और गौरीगंज के उम्मीदवार भी शामिल हो गए हैं। इस तरह का टकराव सोनिया गांधी-राहुल गांधी के लोकसभा क्षेत्रों के लिए अलग नहीं हैं। यहां चौथे-पांचवे चरण में 23 और 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। जिन पहले तीन चरणों में 169 सीटों पर वोट डाले जाएंगे, वहां करीब 10 कांग्रेस और सपा उम्मीदवार आमने-सामने हैं।

इसके साथ ही दोनों ही पार्टियों ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवारों से नामांकन वापस लेने का अनुरोध किया, लेकिन यह सिर्फ खैर, हरगांव और सयाना की सीटों पर ही मुमकिन हो पाया। गंगोह सीट, जहां हाल ही में राहुल गांधी ने अपनी रैली की थी, वहां सपा अपने प्रत्याशी इंदर सेन को नाम वापस लेने के लिए नहीं मना पाई तो उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया।

गंगोह सीट से कांग्रेस प्रत्याशी नौमान मसूद (46) हैं, जो इमरान मसूद के भाई हैं। इमरान ने साल 2014 के लोकसभा चुनावों में पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ हेट स्पीच दी थी। सहारनपुर में सपा के जिला अध्यक्ष जगपाल दास गुज्जर का कहना है कि हम इंदर सेन के खिलाफ यह कदम उठाना नहीं चाहते थे, लेकिन हमें यह फैसला लेना पड़ा।