जर्मन पुलिस ने भारतीय महिला से कहा, 'ब्लाउज खोलकर स्तन दिखाओ'

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पुलिस अधिकारियों ने भारतीय मूल की महिला से वह अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है या नहीं, अपने स्तनों को निचोड़कर दिखाने को कहा।

जर्मन पुलिस ने भारतीय महिला से कहा,

33 साल की एक भारतीय मूल की महिला का आरोप है कि उसे जर्मनी के फ्रैंकफर्ट हवाईअड्डे पर बेहद अपमानजनक बर्ताव का शिकार होना पड़ा है। वह अपने बच्चे को स्तनपान करा रही है या नहीं, इसे साबित करने के लिए हवाईअड्डे के पुलिस अधिकारियों ने उससे अपने स्तनों को निचोड़कर दिखाने को कहा।

गायत्री बोस भारतीय मूल की महिला हैं और सिंगापुर में रहती हैं। वह एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मैनेजर पद पर कार्यरत है। उनके दो बच्चे हैं, एक बच्चा तीन साल का है और एक 7 महीने की बच्ची है। गायत्री ने कहा कि उन्होंने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। उनका कहना है कि अपने साथ हुए व्यवहार से उन्हें बेहद अपमानित महसूस हुआ है। वह अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने का भी मन बना रही हैं।

गायत्री ने बताया कि वह अपनी बच्ची को स्तनपान कराती हैं और उनके एक ब्रेस्ट पंप था। हवाईअड्डे पर तलाशी के दौरान जब उनके पास यह ब्रेस्ट पंप पाया गया, तो हवाईअड्डे की पुलिस को उनपर शक हुआ। गायत्री के पास ब्रेस्ट पंप तो था, लेकिन उनकी बच्ची इस यात्रा के दौरान उनके साथ नहीं थी। जर्मन पुलिस ने कहा कि अगर किसी के पास कोई संदिग्ध चीज बरामद की जाती है, तो उस यात्री और उसके सामान की तलाश होती है। आपने स्तनपान कराने वाली मां के लिए जो चीजें बताई हैं, वह निर्देशों में शामिल नहीं हैं।

गायत्री अकेले ही यह यात्रा कर रही थीं। उनका कहना है कि पिछले हफ्ते गुरुवार को जब वह पैरिस के लिए विमान ले रही थीं, उसी समय उन्हें हवाईअड्डे पर सुरक्षा जांच के लिए रोका गया। उनके बैग को एक्स-रे मशीन में जांच के लिए डाला गया। इसके बाद ही उन्हें पूछताछ के लिए अलग बुलाया गया। गायत्री के मुताबिक अधिकारियों ने उससे पूछा, 'आप स्तनपान करा रही हैं? आपका बच्चा कहां है? आपका बच्चा सिंगापुर में है?' इसके बाद अधिकारियों ने उनका पासपोर्ट ले लिया और उन्हें आगे की पूछताछ के लिए महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा एक कमरे में ले जाया गया।

गायत्री ने आरोप लगाया कि कमरे के अंदर उनसे अपना ब्लाउज़ खोलकर अपने स्तन दिखाने के लिए कहा गया। गायत्री बताती हैं कि महिला पुलिस अधिकारी चाहती थीं कि वह अपने स्तनों को निचोड़कर यह साबित करें कि उनके स्तनों में दूध आ रहा है।

गायत्री ने कहा कि इसके बाद पंप को साफ कर उनका पासपोर्ट उन्हें लौटा दिया गया और उन्हें यात्रा करने की अनुमति दी गई। वह कहती हैं, 'जब उन्होंने मुझे जाने की इजाजत दी, तब मैंने उनसे कहा कि किसी के साथ ऐसा व्यवहार करना सही नहीं है। मैंने उनसे पूछा कि क्या उन्हें एहसास है कि उन्होंने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया है?