एक बार फिर ग्रेमी अवॉर्ड पाने से चुकी सितारवादिका अनुष्का शंकर

हिंदुस्तान की मशहूर सितारवादिका अनुष्का शंकर एक बार फिर ग्रैमी अवॉर्ड पाने से चूक गई हैं। शंकर अपने फेमस ऐल्बम 'लैंड ऑफ गोल्ड' के लिए नॉमिनेट हुई थीं, जो कि दुनिया में शरणार्थियों की समस्या पर आधारित था...

एक बार फिर ग्रेमी अवॉर्ड पाने से चुकी सितारवादिका अनुष्का शंकर

हिंदुस्तान की मशहूर सितारवादिका अनुष्का शंकर एक बार फिर ग्रैमी अवॉर्ड पाने से चूक गई हैं। शंकर अपने फेमस ऐल्बम 'लैंड ऑफ गोल्ड' के लिए नॉमिनेट हुई थीं, जो कि दुनिया में शरणार्थियों की समस्या पर आधारित था। हालांकि, इस बार ग्रैमी में भारत के लिए अच्छी खबर लेकर आए तबलावादक संदीप दास। उन्होंने यो यो मा के साथ वर्ल्ड म्यूजिक कैटिगरी में साझा रूप से ग्रैमी जीता। इस जोड़ी को उनके ऐल्बम 'सिंग मी होम' के लिए ग्रैमी मिला।



बता दें कि अनुष्का शंकर भी वर्ल्ड म्यूजिक कैटिगरी में ही नॉमिनेट हुई थीं। आपको बता दें कि अनुष्का मशहूर सितारवादक पंडित रविशंकर की बेटी हैं और अपने फ्यूजन म्यूजिक के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। यह 6वीं बार है जब अनुष्का इस ग्लोबल अवॉर्ड के इतने नजदीक आकर चूक गई हैं। भारतीय तबलावादक संदीप दास और यो यो मा की जोड़ी ने वर्ल्ड म्यूजिक कैटिगरी में ग्रैमी अपने नाम किया। इस जोड़ी ने 'सिंग मी होम' ऐल्बम के लिए ग्रैमी जीता।

गौरतलब है कि अनुष्का शंकर पहली बार 20 साल की उम्र में ग्रैमी अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट हुई थीं, लेकिन वह अभी तक यह अवॉर्ड हासिल नहीं कर पाई हैं। उनके पिता और भारतीय सितार दिग्गज पंडित रविशंकर ने कुल 4 ग्रैमी अपने नाम किए थे। उन्हें 2 बार व्यक्तिगत और 2 बार साझा ग्रैमी अवॉर्ड्स मिले हैं।