जो माइक पर चिल्लाए वो असली गधा: विश्वास

कुमार विश्वास ने कहा, ‘जो गलियों में डोले वह कच्चा गधा है, जो कोठे पे बोले वह सच्चा गधा है, जो खेतों में दिखे वह फसली गधा है, जो माइक पर चीखे वह असली गधा है।’

जो माइक पर चिल्लाए वो असली गधा: विश्वास

‘आप’ नेता कुमार विश्वास ने ‘गधे’ वाले विवाद पर एक वीडियो पोस्ट किया है। वीडियो में कुमार विश्वास हास्य कवि स्वर्गीय ओमप्रकाश आदित्य की एक कविता सुनाते हैं। कविता की लाइन गाते हुए कुमार विश्वास बताते हैं कि ओमप्रकाश आदित्य ने उनको और बाकी कई लोगों को कई बार यह कविता सुनाई थी। कविता में कुमार विश्वास गाते हैं, ‘इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं, जिधर देखता हूं गधे ही गधे हैं, गधे हंस रहे हैं, आदमी रो रहा है हिंदुस्तान में यह क्या हो रहा है?’

विश्वास आगे गाते हैं, ‘जवानी का आलम गधों के लिए है, ये रसिया ये बालम गधों के लिए है, ये दिल्ली ये पालम गधों के लिए है, ये संसार सालम गधों के लिए है, पिलाए जा साकी, पिलाए जा डटके, तू विसकी के मटके के मटके के मटके, मैं दुनिया को भूलना चाहता हूं, गधों की तरह अब झूमना चाहता हूं और घोड़ों को नहीं मिलती घास देखो, गधे खा रहे चवन्प्राश देखो।’

इसके बाद विश्वास बोलते हैं, ‘जो गलियों में डोले वह कच्चा गधा है, जो कोठे पे बोले वह सच्चा गधा है, जो खेतों में दिखे वह फसली गधा है, जो माइक पर चीखे वह असली गधा है।’

गौरतलब है कि यह विवाद अखिलेश यादव के बयान के बाद से शुरू हुआ। सबसे पहले पीएम मोदी ने यूपी की रैली में कहा था कि अखिलेश यादव विज्ञापन पर काफी पैसा खर्च करते हैं। इसपर अखिलेश ने एक रैली में गुजरात के गधों का जिक्र करते हुए कहा था कि गुजरात के तो गधों का भी विज्ञापन होता है। इसके साथ ही अखिलेश ने अमिताभ बच्चन का नाम लेते हुए कहा था कि उनको गुजरात के गधों का प्रचार नहीं करना चाहिए। इसपर पीएम मोदी ने पटलवार करते हुए कहा था कि लोग चाहें तो गधे से भी सीख ले सकते हैं क्योंकि वह काफी मेहनती होता है।