पिता की तरह देश के लिए गोली खाने को हूं तैयार: गुरमेहर

गुरमेहर ने कहा कि एबीवीपी या कोई भी छात्र संगठन हो, किसी को हक नहीं है कि वो कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लें।

पिता की तरह देश के लिए गोली खाने को हूं तैयार: गुरमेहर

दिल्ली यूनिवर्सिटी के रामजस कॉलेज में एक सेमिनार के आयोजन को लेकर दो छात्र संगठनों के बीच हुए विवाद में अब राजनेता, खिलाड़ी और बॉलीवुड के सितारे भी कूद पड़े हैं। कारगिल शहीद कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी गुरमेहर कौर ने हिंसा में ABVP की कथित भूमिका का खुलकर विरोध किया और एक कैंपेन शुरू किया। जिसके बाद कई लोग गुरमेहर के समर्थन में आए तो कई लोगों ने उनका विरोध किया। गुरमेहर ने कहा कि एबीवीपी या कोई भी छात्र संगठन हो, किसी को हक नहीं है कि वो कानून व्यवस्था को अपने हाथ में लें।

गुरमेहर कौर ने करगिल में शहीद हुए अपने पिता कैप्टन मंदीप सिंह को याद करते हुए कहा कि मैं डरने वाली नहीं हूं, न झुकने वाली हूं। मेरे पिता देश के लिए गोली खाई और मैं भी देश के लिए गोली खाने को तैयार हूं। गुरमेहर ने आगे कहा कि मैं अपने देश से प्यार करती हूं और अपने साथी छात्रों को भी प्यार करती हूं। मैं उनकी अभिव्यक्ति की आजादी का भी समर्थन करती हूं। पत्थर उमर खालिद पर नहीं फेंके गए थे क्योंकि उस वक्त वह वहां मौजूद नहीं थे। यह पत्थर वहां मौजूद छात्रों पर फेंके गए थे।

इससे पहले गुरमेहर कौर ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मैं डीयू की एक छात्र हूं, मुझे एबीवीपी से डर नहीं लगता और मैं अकेली नहीं हूं। भारत का हर छात्र मेरे साथ है। #StudentsAgainstABVP'इस हैशटैग के साथ एक स्टेटस मैसेज दिया जा रहा है 'मुझे लगता है कि मासूम छात्रों पर एबीवीपी द्वारा हुए क्रूर हमले का हमें विरोध करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि रामजस कॉलेज में आईएसा और एबीवीपी के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस सेमिनार का विषय 'विरोध की संस्कृति' था और इसमें जेएनयू के छात्र उमर खालिद और शेहला राशिद को आमंत्रित किया था। इसका एबीवीपी विरोध कर रही थी।