1000 रुपए में धड़ल्ले से बेचे जा रहें है 2000 के नकली नोट

2000 रुपये का Fake note बेचा जा रहा है 1000 रुपए में, सभी राज्‍यों को किया सतर्क...

1000 रुपए में धड़ल्ले से बेचे जा रहें है 2000 के नकली नोट

सीमा पार से 2000 रुपये के Fake note बड़े पैमाने पर छापकर देश में भेजने की साजिश की जा रही है। 2000 का एक नकली नोट 1000 रुपये तक में बेचने की कोशिश की जा रही है। यह जानकारी मिलने के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार सभी राज्यों के डीजीपी को इस सिलसिले में रिपोर्ट भेजी गई है।

नोटबंदी के बाद सरकार की ओर से किए गए दावों में कहा गया था कि इससे जाली नोटों के नेटवर्क को तोड़ने में सफलता मिलेगी। हालांकि, नकली नोटों के कारोबारियों ने सरकार के सामने एक बार फिर चुनौती पेश कर दी है।

पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश बॉर्डर सीमा पार से नकली नोट लाने का बड़ा ठिकाना बताया जाता रहा है। नोटबंदी से पहले और बाद में भी यहां भारतीय करंसी के नकली नोटों की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। दिसंबर 2016 और जनवरी 2017 के बीच कई बार 2,000 रुपये के नकली नोट जब्त किए गए हैं। 8 फरवरी को मुर्शिदाबाद में एक युवक के पास 2,000 रुपये के 40 नकली नोट मिले थे।

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए नकली नोटों में वॉटरमार्क सहित नोट के कई फीचर्स और कलर स्कीम की हूबहू नकल की गई थी, जिससे इनकी पहचान करने में काफी मुश्किलें आई थीं।

15 फरवरी को फिर बीएसएफ ने बांग्लादेश बॉर्डर पोस्ट के करीब सर्च ऑपरेशन में नकली नोट की बड़ी खेप पकड़ी थी। इस दौरान पकड़े गए लोगों ने कबूल किया था कि बांग्लादेश बॉर्डर से नकली नोट पश्चिम बंगाल भेजे जा रहे हैं। इसके बाद ऐसे नोट पूरे देश में भेजे जाएंगे। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के भी इस नेटवर्क में शामिल होने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि आईएसआई नेपाल के रास्ते देश में 2000 रुपये के नकली नोट भेजने की कोशिश में है। इसके बाद मामले की जांच एनआईए को दे दी गई थी।

एनआईए की जांच के अनुसार जिन फीचर की कॉपी फिलहाल नहीं दिखी है, उनमें नोट के बाएं और दाहिने भाग में एंगल बनाती 7 लकीरें हैं। इन्हें कॉपी करना आसान नहीं है। नोट के पीछे लिखे 2000 को भी कॉपी करना चुनौतीपूर्ण है। नोट को धूप में देखने या उलटने-पलटने से इसका रंग बदलता है लेकिन नकली नोट में रंग नहीं बदलते। महात्मा गांधी की तस्वीर वाटरमार्क को भी अब तक कॉपी नहीं किया जा सका है।

केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को माना कि नोटबंदी के सकारात्मक पहलुओं से जनता को बीजेपी पूरी तरह अवगत नहीं करवा सकी। नायडू ने कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा, ‘हालांकि हमें अप्रत्याशित तबकों से समर्थन मिला लेकिन पार्टी की एक कमजोरी यह है कि नोटबंदी के मुद्दे पर हम लोगों को उस स्तर पर जाकर नहीं बता सके जितनी जरूरत थी। हमें यह मानना पड़ेगा।’
-एजेंसी