राहुल नहीं समझ पा रहे हैं 'मुलायम दांव', 403 सीटों पर लड़ रही है समाजवादी पार्टी ?

सूत्रों पर भरोसा करें तो यूपी में समाजवादी पार्टी 298 सीटों पर प्रत्यक्ष रुप से चुनाव लड़ रही है जबकि 105 सीटों पर अप्रत्यक्ष रुप से चुनाव लड़ रही है।

राहुल नहीं समझ पा रहे हैं

यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन है। सपा 298 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और कांंग्रेस  के हिस्से 105 सीटे आई है जहां कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन सबकुछ जितना साफ दिख रहा है उतना है नहीं।सूत्रों पर भरोसा करें तो यूपी में समाजवादी पार्टी 298 सीटों पर प्रत्यक्ष रुप से चुनाव लड़ रही है जबकि 105 सीटों पर  अप्रत्यक्ष रुप से चुनाव लड़ रही है। मलतब ये की समाजवादी पार्टी 403 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। और ये दांव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का नहीं है बल्कि ये दांव सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का है। जिसे कांग्रेस और राहुल गांधी समझ नहीं पा रहे हैं। अगर समझ भी रहे हैं को क्या करें उन्हे ये समझ नहींं आ रहा है।

आपको बता दें कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सपा- कांग्रेस गठबंधन का विरोध किया है और जिन 105 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार मैदान में वहां से सपा नेताओं को निर्दलीय चुनाव लड़ने को कहा है। और यहीं है मुलायम का गेम प्लान जिसे कांग्रेस समझ नहीं पा रही है।

 उत्तर प्रदेश का चुनावी दंगल अभी से 2019 के आम चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है. ऐसे में राज्य में सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस पार्टी से गठबंधन किया है. वहीं, पिछले कुछ समय में पार्टी की भीतरी राजनीति के बाद अपने पद और दल से दरकिनार कर दिए गए पूर्व पार्टी प्रमुख और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव इस गठबंधन के खिलाफ हो गए हैं. गठबंधन के ऐलान के तुरंत बाद मुलायम सिंह यादव ने गठबंधन का विरोध करते हुए कहा था कि समाजवादी पार्टी को गठबंधन की जरूरत नहीं थी. पार्टी के अपने दम पर चुनाव लड़ना चाहिए था. उन्होंने कहा कि राज्य में समाजवादी पार्टी के खिलाफ कोई एंटी इनकमबेंसी फेक्टर नहीं था.फिर भी पार्टी ने गठबंधन किया.

मुलायम सिंह यादव की नाराज़गी का आलम कुछ यूं है कि उन्होंने गठबंधन धर्म के खिलाफ अपने समर्थक नेताओं से कहा है कि वह कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ें. अयोध्या में राम मंदिर के लिए जा रहे कारसेवकों पर गोली चलाने के आदेश देने के बाद मुलायम सिंह यादव को 'मुल्ला मुलायम' के नाम से राजनीति में पुकारा जाता है. मुलायम सिंह यादव ने राजनीति में दांव चलते हुए कांग्रेस पर हमला किया और एक बार फिर कांग्रेस के खिलाफ मुखर हो गए. उन्होंने इन सीटों से टिकट न पाने वाले पार्टी के नेताओं का आह्वान किया है कि वह इन सीटों से कांग्रेस प्रत्याशियों को हराने के लिए निर्दलीय ही पर्चा दाखिल करें।