ISRO ने एक साथ 104 उपग्रह भेजकर रचा इतिहास

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एक साथ 104 उपग्रह लॉन्च कर इतिहास रच दिया।

ISRO ने एक साथ 104 उपग्रह भेजकर रचा इतिहास

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने एकसाथ 104 उपग्रह लॉन्च कर इतिहास रच दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चेन्नई स्थित श्रीहरिकोटा से एक ही प्रक्षेपास्त्र से रिकॉर्ड 104 उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए 28 घंटे की उल्टी गिनती मंगलवार की सुबह 5:28 बजे शुरू हो गई थी।

मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक पीएसएलवी-सी 37 ने अपने 39वें मिशन पर रिकॉर्ड 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया है। पीएसएलवी पहले 714 किलोग्राम वजनी कार्टोसेट-2 शृंखला के उपग्रह का पृथ्वी पर निगरानी के लिए प्रक्षेपण करेगा।

इसके बाद 103 सहयोगी उपग्रहों को पृथ्वी से करीब 520 किमी दूर ध्रुवीय सन सिंक्रोनस ऑर्बिट में प्रविष्ट कराएगा, जिनका अंतरिक्ष में कुल वजन 664 किलोग्राम है। इसके लिए वैज्ञानिकों ने रॉकेट के प्रोपेलैंट को भरना शुरू कर दिया है।

इसरो के वैज्ञानिकों ने एक्सएल वैरियंट का इस्तेमाल किया है, जो सबसे ताकतवर रॉकेट है। इसका इस्तेमाल महत्वाकांक्षी चंद्रयान-मंगल मिशन में किया जा चुका है। यह सफलता का प्रतीक है।

भारत के 3 उपग्रह पड़ोसी पर रखेंगे नजर 
भारत तीन उपग्रह अंतरिक्ष में भेजेगा, जिसमें कार्टोसेट-2 शृंखला के उपग्रह और दो सूक्ष्म उपग्रह शामिल हैं। कार्टोसेट-2 का वजन 714 किलो है। यह चीन-पाकिस्तान पर नजर रखेगा। इसके अलावा दो नैनो-सेटेलाइट आइएनएस-1ए और आइएनएस-1बी को भी छोड़ा जाएगा, जिसका वजन 1378 किलो है।

रूस को छोड़ा पीछे
इससे पहले रूसी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक बार में 37 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा है। इसके बाद भारत ने जून 2015 में एक बार में 23 उपग्रहों को प्रक्षेपण किया था। यह भारत का दूसरा सफल प्रयास होगा।