ITBP के जवान चीनी सीमा पर 'स्‍नो स्‍कूटर' से लगाएंगे गश्‍त

चीन से लगी सरहद पर तैनात आईटीबीपी के जवान अब स्नो स्कूटर से गश्त लगाएंगे। पहली बार आईटीबीपी को ऐसे पांच स्कूटर दिए गए हैं। जिनमें से दो लद्दाख, दो उत्तराखंड और एक सिक्किम में तैनात किए जायेंगे।

ITBP के जवान चीनी सीमा पर

चीन से लगी सरहद पर तैनात आईटीबीपी के जवान अब स्नो स्कूटर से गश्त लगाएंगे। पहली बार आईटीबीपी को ऐसे पांच स्कूटर दिए गए हैं। जिनमें से दो लद्दाख, दो उत्तराखंड और एक सिक्किम में तैनात किए जायेंगे। फिलहाल उत्तराखंड के औली में जवानों को इसको चलाने को लेकर विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। अगर ये ट्रायल सफल रहा तो आईटीबीपी में ऐसे और भी स्कूटर लिए जाएंगे।

करीबन 14 हजार फीट ऊंचाई पर बर्फ पर चलने वाले ये स्कूटर अमेरिका की कंपनी पोलारिस से खरीदा गए हैं। 75 लाख की लागत से खरीदे गए इस स्कूटर पर दो जवान बैठ सकते हैं। बर्फ पर आसानी से चलने वाले इस स्कूटर का वजन करीब 280 किलो है जो चेनकेस बेल्टों के सहारे चलती है। इसमे पीछे चेन लगा हुआ है जो बर्फ को काटेगा और आगे कंट्रोल करने के लिए स्नो लगा हुआ है। इसमें 40 लीटर की पेट्रोल टंकी बनी हुई हैय़ यह एक घंटे में 20 से 30 किलोमीटर तक आसानी से जा सकता है।

अब तक देश में कई जगहों पर इस स्कूटर का इस्तेमाल ट्रेनिंग और टूरिज्म के लिए होता था। इस अत्याधुनिक स्‍कूटर पर एक जवान हथियार के साथ भी बैठ सकता है। ये 45 डिग्री ढलान पर भी आसानी से चल सकता है। आईटीबीपी के करीब 80 हजार जवान चीन से लगी सीमा पर तैनात हैं। इनमें से कई चौकी तो 14 हजार से ज्यादा ऊंचाई पर है। इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि जवान बर्फीले इलाके में आसानी से कहीं भी आ जा सकते हैं।

पहले ऐसे इलाकों में कहीं जाने के लिए कई घंटे जवानों को लग जाते थे और अब वो मिनटों में इसके जरिए कहीं भी फटाफट जा सकते हैं। आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक पांडेय ने बताया कि ऐसे स्कूटर से काफी ऊंचाई वाले इलाकों में जवानों की क्षमता काफी बढ़ जाती है और अपनी जिम्मेदारी को वो अब बेहतर तरीके से कर सकते हैं।