J&K: शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जनसैलाब

जम्मू-कश्मीर में शहीद जवान गुलाम मोहिउद्दीन राठेर को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी।

J&K: शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जनसैलाब

जम्मू-कश्मीर में ऐसा शायद सालों बाद हुआ है जब देश के लिए शहीद होने वाले जवान को अंतिम विदाई देने हजारों लोग आए। अक्सर तो ऐसा देख गया है कि जब आतंकियों का अंतिम संस्कार होता है तो हजारों की भीड़ जुटती है।

बता दें कि सेना के लांस नायक गुलाम मोहिउद्दीन राठेर सहित 2 और जवान बुधवार देर रात उस समय शहीद हो गए जब आतंकियों ने शोपिंया में घात लगाकर हमला किया था।  शहीद राठेर का शव उनके पैतृक गांव अनंतनाग के पंचपोरा पहुंचा तो हजारों लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सबकी आंखे नम थीं। 35 साल के राठेर के पैर में 6 गोलियां लगी थी, लेकिन ज्यादा खून बहने की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका।

शहीद गुलाम मोहिउद्दीन के चाचा शकील अहमद ने बताया कि हम बहुत दुखी हैं। सारे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। इसके जाने से परिवार बर्बाद हो गया क्योंकि वो परिवार का इकलौता बेटा था। मोहिउद्दीन के चचेरे भाई खुशर्दी अहमद ने कहा कि गुलाम मोहिउद्दीन एक सीधा सादा इंसान था उसकी पूरा गांव इज्जत करता था।

वहीं सेना के अधिकारियों का कहना है कि मोहिउद्दीन ने सेना की परंपरा को अतिम सांस तक निभाया और ऐसे जवान पर हमें गर्व है। श्रीनगर में हुए शहीद के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल विपिन रावत भी शामिल हुए। जहां एक ओर कश्मीर में हर जगह सेना को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा रहा है वहां ये सेना के मनोबल के लिए एक अच्छा संकेत है।