जेट एयरवेज मामला: सो गया था पायलट , 33 मिनट नहीं रहा ATC से संपर्क

जेट विमान मामले में नया खुलासा सामने आया है, बताया जा रहा है कि उढ़ान के दौरान पायलट सो गया था, नहीं रहा था 33 मिनट एटीसी के संपर्क में...

जेट एयरवेज मामला: सो गया था पायलट , 33 मिनट नहीं रहा ATC से संपर्क

मुंबई से लंदन जा रहे जेट एयरवेज के प्लेन (9W 118) को जर्मनी के फाइटर प्लेन्स के घेरे जाने के मामले में एक खुलासा हुआ है। खबरों के मुताबिक, प्लेन का एक पायलट सोया हुआ था, वहीं दूसरे पायलट के पास गलत फ्रीक्ववेंसी होने के चलते आवाज नहीं पहुंच पा रही थी। इसके चलते वह कुछ सुन नहीं पाया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से कॉन्टैक्ट नहीं कर पाया। 33 मिनट तक एटीसी से प्लेन का कॉन्टैक्ट नहीं हो सका था।

बताया जा रहा था कि दूसरे पायलट ने इस विमान को गलत फ्रीक्वेंसी पर डाल दिया था और अपने हेडसेट की आवाज भी धीमी कर दी थी। जिस कारण पायलट का संपर्क जर्मन एटीसी से टूट गया था। वहीं एटीसी यूनिवर्सल इमरजेंसी फीक्वेंसी 121.5 मेगाहर्ट्ज पर भी विमान के पायलटों से संपर्क करने में नाकामयाब रही।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बारे में जेट के प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले की जांच डीजीसीए द्वारा की जा रही है। फिलहाल हम कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। यह क्यों हुआ था इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

गुरुवार को 330 यात्रियों को लेकर जेट एयरवेज का विमान मुंबई से लंदन जा रहा था। इसी बीच उसका एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से संपर्क टूट गया था। किसी संभावित खतरे को देखते हुए जर्मनी ने अपने लड़ाकू जेट्स को विमान के पीछे भेजा था।

इस विमान में सवार क्रू मेंबर्स ने भारत से संपर्क किया। यहां के फ्लाइट ऑपरेशंस अधिकारियों ने सैटलाइट फोन (एयरक्राफ्ट कम्यूनिकेशन एंड अड्रेसिंग सिस्टम) का इस्तेमाल करके संपर्क से कटे विमान के पायलटों से संपर्क किया। सैटलाइट फोन से जानकारी मिलने के बाद विमान के पायलटों ने जर्मन एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया। इसके बाद फाइटर जेट्स लौट गए और विमान ने लंदन तक अपनी फ्लाइट पूरी की।