झारखंड: BCCL कर्मी पर लगा पत्नी, साली व दो बेटों की हत्या का आरोप

धनबाद में BCCL कर्मी पर पत्नी, साली व दो बेटों की हत्या का आरोप लगा है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच में जुटी पुलिस।

झारखंड: BCCL कर्मी पर लगा पत्नी, साली व दो बेटों की हत्या का आरोप

झारखंड के धनबाद जिले में पत्नी समेत चार की हत्या का आरोपी बीसीसीएलकर्मी का शव गोमो रेलवे डाउन यार्ड से बरामद किया गया। शव को गोमो रेल पुलिस ने जब्त किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। बीसीसीएलकर्मी ओमप्रकाश कुमार पर पत्नी, साली व दो बेटों को जहर देकर हत्या करने का आरोप लगा है। रविवार की रात चारों के शव घर में मिले और आरोपी घर से फरार गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आरोपी ओमप्रकाश की साली नीतू ओमप्रकाश के घर में ही रहती थी और वहीं से वह ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। नीतू के भाइयों ने बताया कि बहन रोज की तरह रविवार को भी ब्यूटिशियन की क्लास के लिए घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो उसकी सहेली से पूछताछ की गई। सहेली ने बताया कि वह आज क्लास में नहीं आई।

जिसके बाद आस-पास के लोगों के यहां जानकारी ली। बाद में नीतू के भाइयों ने बहनोई ओमप्रकाश से मोबाइल पर बात की। ओमप्रकाश ने बताया कि नीतू यहां आई है, लेकिन वह बाजार से सामान खरीदने गई है। इसके बाद उसने कहा कि मोबाइल में बैलेंस नहीं है। बात नहीं होगी और उसने मोबाइल ऑफ कर दिया। इस पर नीतू के भाइयों को कुछ संदेह हुआ। नीतू के भाई ओमप्रकाश के घर आए तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। खटखटाने पर ओमप्रकाश ने पूछा कि कौन है। परिचय दिया तो ओमप्रकाश ने कहा कि नीतू घर पर नहीं है। वह गोमो रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही है। घर का दरवाजा खोलने के लिए कहा तो ओमप्रकाश ने कहा कि थोड़ा ठहरो कपड़े पहन कर आ रहा हूं।

दोनों भाइयों ने बताया कि पांच मिनट के बाद कूदने की आवाज आई तो संदेह गहरा गया। दरवाजा खटखटाने पर कोई आवाज नहीं मिला। इसके बाद पीछे की दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया दो घर के दोनों कमरों में ताला लगा था। वहां भी खटखटाने पर कोई आवाज नहीं आई।

आरोपी ओमप्रकाश की साली नीतू ओमप्रकाश के घर में ही रहती थी और वहीं से वह ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही थी। नीतू के भाइयों ने बताया कि बहन रोज की तरह रविवार को भी ब्यूटिशियन की क्लास के लिए घर से निकली थी। शाम तक नहीं लौटी तो उसकी सहेली से पूछताछ की गई। सहेली ने बताया कि वह आज क्लास में नहीं आई।

जिसके बाद आस-पास के लोगों के यहां जानकारी ली। बाद में नीतू के भाइयों ने बहनोई ओमप्रकाश से मोबाइल पर बात की। ओमप्रकाश ने बताया कि नीतू यहां आई है, लेकिन वह बाजार से सामान खरीदने गई है। इसके बाद उसने कहा कि मोबाइल में बैलेंस नहीं है। बात नहीं होगी और उसने मोबाइल ऑफ कर दिया। इस पर नीतू के भाइयों को कुछ संदेह हुआ। नीतू के भाई ओमप्रकाश के घर आए तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। खटखटाने पर ओमप्रकाश ने पूछा कि कौन है। परिचय दिया तो ओमप्रकाश ने कहा कि नीतू घर पर नहीं है। वह गोमो रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रही है। घर का दरवाजा खोलने के लिए कहा तो ओमप्रकाश ने कहा कि थोड़ा ठहरो कपड़े पहन कर आ रहा हूं।

दोनों भाइयों ने बताया कि पांच मिनट के बाद कूदने की आवाज आई तो संदेह गहरा गया। दरवाजा खटखटाने पर कोई आवाज नहीं मिला। इसके बाद पीछे की दीवार फांदकर घर में प्रवेश किया दो घर के दोनों कमरों में ताला लगा था। वहां भी खटखटाने पर कोई आवाज नहीं आई।