झपटमारी की घटना में तीन साल की जगह सजा को 7 साल करने की तैयारी!

दिल्ली पुलिस ने झपटमारी की घटनाओं को अंजाम देने वालों पर अंकुश लगाने के लिए तीन साल की सजा को बढ़ाकर सात साल करने का प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेजा है।

झपटमारी की घटना में तीन साल की जगह सजा को 7 साल करने की तैयारी!

देश की राजधानी में झपटमारी की घटनाएं नासूर बन गई हैं। बाइक सवार बदमाश पलक झपकते ही किसी का मोबाइल तो किसी का पर्स छीनकर फरार हो जाते हैं। हर साल हजारों रिपोर्ट दर्ज होती हैं। बदमाश पकड़े जाते हैं और फिर कानूनी दांवपेंच से जमानत पर बरी भी हो जाते हैं।

झपटमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने इसमें होने वाली तीन साल की सजा को बढ़ाकर सात साल करने का प्रस्ताव केंद्रीय कानून मंत्रालय को भेजा है। सात साल की सजा होने पर बदमाशों को आसानी से जमानत नहीं मिल सकेगी। उनमें खौफ भी पैदा होगा।

दिल्ली पुलिस द्वारा बनाए गए 13 जिलों में हर दिन झपटमारी की औसतन 26 शिकायतें दर्ज होती हैं। काफी लोग तो शिकायत भी नहीं दर्ज कराते हैं। फ्लाईओवर, राष्ट्रीय राजमार्ग समेत मुख्य चौराहों और मार्गों पर इनका गिरोह सक्रिय रहता है। बदमाश महिलाओं का पर्स व चेन-कुंडल भी झपट लेते हैं। ऐसी घटनाओं में महिलाएं घायल भी हो जाती हैं।

आंकड़ों की मानें तो पांच साल में झपटमारी की घटनाओं में पांच गुना बढ़ोत्तरी हुई है। अपराध के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग ने पूर्व पुलिस आयुक्त आलोक कुमार वर्मा समेत अधिकारियों के साथ बैठक की थी। कई बैठकों के बाद झपटमारी में सजा को तीन साल से बढ़ाकर सात साल करने का निर्णय किया गया ताकि बदमाशों को आसानी से जमानत न मिल सके। इस प्रस्ताव को पूरी तरह से पक्का करने के लिए कानून मंत्रालय के पास भेजा गया है।

राजधानी में झपटमार हर साल लोगों को करोड़ों का चूना लगाते हैं। बाइक सवार बदमाश साल भर में हजारों महंगे मोबाइल फोन झपट लेते हैं और फिर उनका इंटरनेट मोबाइल इक्यूपमेंट आइडेंटिटी (आइएमईआइ) नंबर बदलकर दोबारा बेच देते हैं। वर्ष 2016 में दिल्ली पुलिस की अलग-अलग टीमों ने ऐसे कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया था, जोकि मोबाइल लूटकर दोबारा बेचते थे। आइफोन, सैमसंग, एचटीसी जैसे महंगे मोबाइल फोन दोबारा बेचकर करोड़ों रुपये कमाते थे।