सम्मन-नोटिसों का डिजिटल रिकार्ड रखें कर अधिकारी: आयकर विभाग

आयकर विभाग ने कर अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकारों को कम करते हुए आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वह सम्मन, नोटिसों और विशेष आडिट संबंधी अपने आदेशों का डिजिटल रिकार्ड रखेंगे...

सम्मन-नोटिसों का डिजिटल रिकार्ड रखें कर अधिकारी: आयकर विभाग

आयकर विभाग ने कर अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकारों को कम करते हुए आयकर विभाग ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वह सम्मन, नोटिसों और विशेष आडिट संबंधी अपने आदेशों का डिजिटल रिकार्ड रखेंगे। आयकर विभाग ने विभाग में नियमित कामकाज के लिए एक इलेक्ट्रानिक प्लेटफार्म तैयार किया है। इसमें सम्मन, नोटिस और विशेष आडिट के आदेश जारी करने के लिए एक नियमित मापदंड तय किया गया है।

बता दें कि इन नए मानदंडों के मुताबिक आयकर प्रशासन को अब जारी होने वाले आदेशों का पूरा ऑनलाइन डिजिटल रिकार्ड रखना होगा। उन्हें करदाताओं से मिली प्रतिक्रिया, पूछताछ और इस संबंध में जरूरी मंजूरियों के संबंध में पूरा रिकार्ड ऑनलाइन रखना होगा।

गौरतलब है कि आयकर कानून की धारा 131 के तहत सम्मन जारी करने के मामले में अधिकारियों को अब सम्मन किए गए व्यक्ति का ब्यौरा उसका वक्त और तारीख, उसके बाद उसके समक्ष पहुंचे व्यक्ति का वक्तव्य रिकार्ड करना और दस्तावेज अगर कोई सौंपा गया, इसके सहित पूरा रिकार्ड संलग्न के तौर पर रखना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि विभाग का यह कदम उसके कामकाज में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और अधिकारियों के विवेकाधीन अधिकारों का इस्तेमाल कम करने की दिशा में उठाया गया है।