जानिए: भारत बांग्लादेश के बीच हैदराबाद में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच का हाल, इंडिया ने बनाया धमाकेदार स्कोर

बांगलादेश और इंडिया के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और टीम इंडिया ने खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 356 रन बनाएं...

जानिए: भारत बांग्लादेश के बीच हैदराबाद में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच का हाल, इंडिया ने बनाया धमाकेदार स्कोर

बांगलादेश और इंडिया के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में भारत ने जबरदस्त बल्लेबाजी की और टीम इंडिया ने खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 356 रन बनाएं ।विराट कोहली (111) और अजिंक्य रहाणे (45) नाबाद लौटे। कोहली ने 130 गेंदों में 10 चौकों के साथ करियर का 16वां शतक जड़ा। मुरली विजय ने टेस्ट करियर का नौवां शतक लगाया और 108 रन बनाकर आउट हुए। विजय 35 रन के निजी स्कोर पर उस समय लकी रहे, जब मेहदी हसन ने रनआउट का आसान मौका गंवा दिया और विजय ने उसका पूरा फायदा उठाते हुए सैकड़ा लगा दिया। गौरतलब है कि 17 साल में पहली बार बांग्लादेश की टीम टेस्ट खेलने भारत आई है। उसे साल 2000 में टेस्ट टीम का दर्जा मिला था। हालांकि दोनों देशों के बीच यह 9वां टेस्ट मैच है।

बता दें कि विराट कोहली सातवें और भारतीय कप्तानी के ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं जिन्होंने 36 रन बनाते ही एक सीजन में हजार रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। हैदराबाद टेस्‍ट से पहले कोहली ने 2016-17 में 8 टेस्‍ट मैच खेले थे, जिनमें 964 रन बनाए थे। उन्हें 1000 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए 36 रन चाहिए थे, जबकि विराट ने इससे कहीं अधिक स्कोर करते करियर का 16वां शतक ही जड़ दिया।

गौरतलब है कि चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय फर्स्ट क्लास क्रिकेट में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने के मामले में चंदू बोर्डे को पीछे छोड़ दिया है। पुजारा ने इस सीजन में 1605 रन बनाए हैं, जबकि बोर्डे ने 1964-65 में 1604 रन बनाए थे। दिन के दूसरे घंटे के खेल में पारी के 19वें ओवर में टीम इंडिया को 67 रन पर दूसरा बड़ा झटका लग सकता था, लेकिन बांग्लादेश के स्पिनर मेहदी हसन गलती कर बैठे। हुआ यह कि ओवर की तीसरी गेंद पर 35 रन बनाकर खेल रहे मुरली विजय ने स्क्वेयर लेग की ओर शॉट खेला। इस बीच पुजारा ने दौड़ लगा दी और विजय के मना करते-करते उनके पास तक पहुंच गए, फिर मुरली विजय को नॉन स्ट्राइकर छोर की ओर दौड़ना पड़ा, इतने मेंकामरुल इस्‍लाम रब्‍बी का थ्रो पहुंचा, लेकिन हसन उसे कलेक्ट नहीं कर पाए और उनके हाथ से रनआउट का आसान-सा मौका चला गया. इसके बाद विजय ने बांग्लादेशी गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और 149 गेंदों में करियर का नौवां शतक लगा दिया।

वहीं दिन के अंतिम सत्र में मुरली विजय (98) और कप्तान विराट कोहली (17) ने टीम इंडिया की पारी को 2 विकेट पर 206 रन से आगे बढ़ाया। विजय ने सत्र के तीसरे ओवर में ही कामरुल इस्लाम की गेंद पर दो रन लेकर करियर का नौवां शतक पूरा किया। हालांकि वह ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए और 108 रन पर ताइजुल इस्लाम की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने विराट कोहली के साथ 54 रन जोड़े.विजय ने अपनी शतकीय पारी में 12 चौके और एक छक्का लगाया। विराट ने विजय के आउट होने के बाद अजिंक्य रहाणे के साथ शतकीय साझेदारी की और 130 गेंदों में करियर का 16वां शतक ठोका. इसमें उन्होंने 10 चौके लगाए। पहले दिन का खे समाप्त होने तक टीम इंडिया ने 3 विकेट पर 356 रन बना लिए. विराट कोहली (111) और अजिंक्य रहाणे (45) नाबाद लौटे. कोहली ने 130 गेंदों में 10 चौकों के साथ करियर का 16वां शतक जड़ा। कोहली ने रहाणे के साथ 122 रन की नाबाद साझेदारी की है।

साथ ही दिन के खेल के दूसरे सत्र में लंच से पहले के 27 ओवरों में 86 रन जोड़ चुके मुरली विजय (45) और चेतेश्वर पुजारा (39) ने टीम इंडिया की पारी को आगे बढ़ाया। विजय ने लंच के बाद के चौथे औवर में शाकिब अल हसन की गेंद पर चौका लगाकर 82 गेंदों में फिफ्टी पूरी की. विजय के बाद पुजारा ने 108 गेंदों में करियर की 12वीं फिफ्टी लगाई। दोनों ने इस बीच शतकीय साझेदारी भी पूरी कर ली। जब लग रहा था कि पुजारा और विजय की साझेदारी लंबी जाएगी, तभी टीम इंडिया को 180 रन के कुल स्कोर पर दूसरा झटका लग गया। हालांकि उन्होंने मेहदी हसन की गेंद को सीधे बल्ले से खेलने की कोशिश, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेते हुए विकेटकीपर मुशफिकुर रहीम के पैड से जा टकराई और उछल गई, जिसे रहीम ने ही डाइव लगाकर खूबसूरती से लपक लिया।

पुजारा ने 9 चौकों की मदद से 83 रन बनाए. पुजारा ने आउट होने से पहले विजय के साथ 178 रन जोड़े।इसके बाद कप्तान विराट कोहली ने विजय का साथ निभाया और चायकाल तक कोई विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों के बीच 26 रनों की साझेदारी हो चुकी है। चायकाल तक टीम इंडिया ने दो विकेट पर 206 रन बना लिए। मुरली विजय (98) और विराट कोहली (17) नाबाद रहे।
बांग्लादेशी गेंदबाजों ने टॉस हारने के बाद टेस्ट में भारतीय धरती पर पहली बार खेलते हुए शानदार गेंदबाजी की और पहले घंटे के खेल में टीम इंडिया को खुलकर नहीं खेलने दिया। तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद और कामरुल इस्‍लाम रब्‍बी ने कसी हुई गेंदबाजी की। तस्कीन को इसका फायदा भी मिला और उन्होंने टीम इंडिया को पहला झटका पहले ओवर की चौथी ही गेंद पर दे दिया, जब लोकेश राहुल (2) ऑफ स्टंप की गेंद को अपने विकेटों पर खेल बैठे और उन्हें बोल्ड होकर पैवेलियन लौटना पड़ा।

जिस वक्त विजय को 35 के निजी स्कोर पर लाइफ मिली। उस समय टीम इंडिया का स्कोर 67 रन था। इन मौकों का चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने फायदा उठाया और लंच तक स्कोर को 1 विकेट पर 86 रन तक पहुंचा दिया। दोनों के बीच लंच तक 84 रन की साझेदारी हुई।

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया। विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम टेस्ट में खेली टीम में बदलाव करते हुए तिहरा शतक लगा चुके करुण नायर को बाहर बिठा दिया और उनकी जगह चोट के बाद वापसी कर रहे अजिंक्य रहाणे को शामिल किया। रहाणे के अलावा विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को पार्थिव पटेल और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को स्पिनर अमित मिश्रा की जगह रखा। स्पिनर जयंत यादव को भी टीम में जगह नहीं दी।

वहीं भारतीय टीम इस समय टेस्‍ट मैचों में नंबर वन है। विराट कोहली की कप्तानी में वह लगातार 18 टेस्ट मैच जीत चुकी है, वहीं पांच सीरीज भी जीती है। अपनी धरती पर जहां टीम इंडिया ने इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका को हराया है, वहीं वेस्टइंडीज और श्रीलंका को उसी की धरती पर धूल चटाई है।

बता दें कि भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ अब तक 8 टेस्ट मैच खेले हैं। इसमें भारत ने 6 में जीत दर्ज की, जबकि 2 मैच ड्रॉ रहे। भारत के खिलाफ टेस्‍ट मैचों में बांग्‍लादेश का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक ही रहा है। लांग फॉर्मेट में कुछ ही मौकों पर बांग्‍लादेश टीम अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर पाई है लेकिन इन्‍हें भी जीत में तब्‍दील नहीं कर पाई। बांग्‍लादेश की टीम को अभी टेस्‍ट में भारत के खिलाफ जीत का इंतजार है। भारत ने अब तक बांग्‍लादेश के खिलाफ टेस्‍ट उसके ही मैदान पर खेले हैं। दोनों देशों के बीच आखिरी टेस्ट जून, 2015 में हुआ था, जो ड्रॉ रहा था।